25-26 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा भारत की विदेश नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनी। मोदी ने यरूशलेम में इज़राइली क्नेसेट (संसद) को संबोधित किया — ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने — और उन्हें खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया गया। द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 'क्नेसेट मेडल' प्रदान किया गया। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा: 'आप मित्र से अधिक, एक भाई हैं।'

दोनों देशों ने मौजूदा 'रणनीतिक साझेदारी' को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाया। यात्रा से 27 द्विपक्षीय परिणाम सामने आए: 17 समझौते/समझौता ज्ञापन और 10 घोषणाएँ, जिनमें महत्वपूर्ण व उभरती प्रौद्योगिकियां, रक्षा सहयोग, श्रमिकों की आवाजाही, कृषि, संस्कृति और शिक्षा शामिल हैं। भारत में एक भारत-इज़राइल साइबर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होगा। मुक्त व्यापार समझौते की पहली बातचीत नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुई और अगला दौर मई 2026 में निर्धारित है। दोनों पक्षों ने पांच वर्षों में 50,000 से अधिक भारतीय श्रमिकों को इज़राइल में रोजगार दिलाने पर भी सहमति जताई।