एक ऐतिहासिक पहल के तहत, भारतीय सेना की 78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में आयोजित की जाने वाली थी। यह पहली बार था जब परेड किसी सैन्य छावनी से बाहर होनी थी। परेड स्थल जयपुर का महल रोड, जगतपुरा था, जो अक्षय पात्र सर्किल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त होता था। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। यह परेड लगातार चौथे वर्ष दिल्ली से बाहर आयोजित हुई। बेंगलुरु (2023), लखनऊ (2024) और पुणे (2025) के बाद यह भारतीय सेना की देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से जुड़ाव बढ़ाने की पहल के तहत हो रही थी। जनता के लिए पंजीकरण 6 जनवरी 2026 को खुला और 14 जनवरी तक चला। फाइटर जेट-हेलीकॉप्टर फ्लाईपास्ट, मिसाइल-टैंक प्रदर्शन, ड्रोन प्रौद्योगिकी, कालबेलिया और गैर लोकनृत्य तथा नेपाल सेना बैंड की भागीदारी की उम्मीद थी।
78वीं सेना दिवस परेड पहली बार जयपुर में सैन्य छावनी से बाहर होगी: जनता के लिए पंजीकरण शुरू
एक ऐतिहासिक पहल के तहत भारतीय सेना की 78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में आयोजित की जाने वाली थी — पहली बार किसी सैन्य छावनी से बाहर। परेड स्थल जयपुर की महल रोड, जगतपुरा था — अक्षय पात्र सर्किल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। यह परेड लगातार चौथे वर्ष दिल्ली से बाहर आयोजित हुई — बेंगलुरु (2023), लखनऊ (2024) और पुणे (2025) के बाद — भारतीय सेना की देश के विभिन्न हिस्सों में जनता से जुड़ाव बढ़ाने की पहल के तहत। जनता के लिए पंजीकरण 6 जनवरी 2026 को खुला और 14 जनवरी तक चला। फाइटर जेट-हेलीकॉप्टर फ्लाईपास्ट, मिसाइल-टैंक प्रदर्शन, ड्रोन प्रौद्योगिकी, कालबेलिया और गैर लोकनृत्य तथा नेपाल सेना बैंड की भागीदारी की उम्मीद थी।
मुख्य तथ्य
- 78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित हुई — पहली बार सैन्य छावनी से बाहर।
- परेड मार्ग महल रोड, जगतपुरा पर अक्षय पात्र सर्किल से बॉम्बे हॉस्पिटल तक था।
- भारतीय सेना के लिए विषय 'नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता का वर्ष' था।
- बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे के बाद यह लगातार चौथा वर्ष था जब परेड दिल्ली से बाहर हुई।
- नागरिकों और सेना के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए जनता के लिए पंजीकरण खोला गया।
- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे राजस्थान के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सैन्य छावनी से बाहर जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड की मेज़बानी का राजस्थान में नागरिक-सैन्य एकीकरण के लिए महत्व परखें।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय सेना की 78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर के महल रोड पर आयोजित हुई; सेना दिवस परेड पहली बार सैन्य छावनी से बाहर हुई। यह बेंगलुरु (2023), लखनऊ (2024), पुणे (2025) के बाद दिल्ली से बाहर आयोजन का चौथा वर्ष था। पंजीकरण 6-14 जनवरी तक; एक लाख से अधिक दर्शक अपेक्षित थे।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित हुई। सेना दिवस किस अधिकारी की पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में नियुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है?
सेना दिवस 15 जनवरी को 1949 में जनरल के.एम. करिअप्पा की पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में नियुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है।
स्रोत: DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में जयपुर में आयोजित 78वीं सेना दिवस परेड के लिए भारतीय सेना का विषय क्या था?
78वीं सेना दिवस परेड के लिए भारतीय सेना का विषय 'नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता का वर्ष' था, जो सेना के डिजिटल बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और डेटा-आधारित परिचालन पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
2026 में जयपुर से पहले किन शहरों में सेना दिवस परेड आयोजित हुई थी?
2026 में जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड की मेजबानी से पहले यह परेड बेंगलुरु (2023), लखनऊ (2024) और पुणे (2025) में हुई थी। इस तरह 2023 से शुरू हुए क्रम में जयपुर दिल्ली के बाहर इस आयोजन की मेजबानी करने वाला लगातार चौथा शहर बना।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड में जनता की भागीदारी को लेकर क्या महत्वपूर्ण था?
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड के लिए आम जनता का पंजीकरण खोला गया। यह नागरिकों और सेना के बीच जुड़ाव बढ़ाने तथा भारतीय सेना को लोगों के करीब लाने का कदम था, जो अलग-अलग शहरों में परेड आयोजित करने की सेना की व्यापक पहल के अनुरूप है।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड ठीक कहाँ हुई और परेड का मार्ग क्या था?
78वीं सेना दिवस परेड जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर आयोजित हुई, जो अक्षय पात्र सर्किल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त हुई।
दिल्ली के बाहर सेना दिवस परेड आयोजित करने की भारतीय सेना की पहल का क्या महत्व है?
बेंगलुरु, लखनऊ, पुणे और जयपुर जैसे विभिन्न शहरों में सेना दिवस परेड को बारी-बारी से आयोजित करने की पहल भारतीय सेना की जनसंपर्क के प्रति प्रतिबद्धता दिखाती है। यह अलग-अलग राज्यों की समृद्ध सैन्य परंपराओं को सम्मान देने और राजधानी से बाहर के नागरिकों तक ऐसे समारोहों को पहुँचाने का भी प्रयास है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें