26 अक्टूबर 2025 को भारत मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के 9 जिलों — कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और उदयपुर — के लिए येलो अलर्ट जारी किया। अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र तीव्र हो रहा था और बंगाल की खाड़ी में एक अन्य प्रणाली चक्रवात 'मोंथा' के रूप में विकसित हो रही थी। कोटा, उदयपुर एवं अजमेर संभागों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान था। 27 अक्टूबर से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने वाला था। 28–30 अक्टूबर तक चक्रवात मोंथा के कारण राजस्थान के 23 जिलों में भारी बेमौसमी वर्षा हुई, तापमान 8°C तक गिरा, फसल क्षति (उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा, बारां) हुई और विद्यालय बंद रहे।
26 अक्टूबर को अरब सागर की चक्रवाती प्रणाली से राजस्थान के 9 जिलों में बारिश का पीला अलर्ट — चक्रवात 'मोंथा' का पूर्वगामी
26 अक्टूबर 2025 को भारत मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के 9 जिलों — कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और उदयपुर — के लिए येलो अलर्ट जारी किया। अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र तीव्र हो रहा था और बंगाल की खाड़ी में एक अन्य प्रणाली चक्रवात 'मोंथा' के रूप में विकसित हो रही थी। कोटा, उदयपुर एवं अजमेर संभागों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान था। 27 अक्टूबर से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने वाला था। 28–30 अक्टूबर तक चक्रवात मोंथा के कारण राजस्थान के 23 जिलों में भारी बेमौसमी वर्षा हुई, तापमान 8°C तक गिरा, फसल क्षति (उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा, बारां) हुई और विद्यालय बंद किए गए।
मुख्य तथ्य
- IMD ने 26 अक्टूबर 2025 को अरब सागर की चक्रवाती प्रणाली के कारण राजस्थान के 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया।
- प्रभावित जिलों में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और उदयपुर शामिल हैं।
- इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में एक प्रणाली विकसित हुई, जो आगे चलकर चक्रवात मोंथा बनी।
- 28-30 अक्टूबर तक चक्रवात मोंथा के कारण राजस्थान के 23 जिलों में भारी बेमौसमी वर्षा हुई।
- तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट और कटी फसलों को क्षति दर्ज की गई।
- सांगोद (कोटा) में 15 मिनट में 16 मिमी और नैनवा (बूंदी) में 24 घंटे में 4 इंच वर्षा हुई।
6-अक्ष वर्गीकरण
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27 अक्टूबर 2025 को जारी IMD के चक्रवात मोंथा बुलेटिन में पूर्वी राजस्थान के कितने जिलों को भारी बारिश की चेतावनी में रखा गया था?
IMD के चक्रवात मोंथा बुलेटिन में पूर्वी राजस्थान के 9 जिलों को भारी बारिश की चेतावनी में रखा गया था: बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और उदयपुर।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 अक्टूबर 2025 को अरब सागर के निम्न दबाव के कारण राजस्थान के किन 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ?
भारत मौसम विभाग (IMD) ने 26 अक्टूबर 2025 को कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और उदयपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया।
चक्रवात 'मोंथा' क्या था और इसने राजस्थान को कैसे प्रभावित किया?
चक्रवात मोंथा अक्टूबर 2025 के अंत में बंगाल की खाड़ी में विकसित एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात था। 28-30 अक्टूबर तक इसने राजस्थान के 23 जिलों में भारी बेमौसमी वर्षा कराई, जिससे 8°C तक तापमान गिरा और कटी फसलों को नुकसान हुआ।
चक्रवात मोंथा के दौरान राजस्थान में भारी वर्षा के कौन से रिकॉर्ड दर्ज हुए?
कोटा जिले के सांगोद में मात्र 15 मिनट में 16 मिमी वर्षा हुई, जबकि बूंदी जिले के नैनवा में 24 घंटे में 4 इंच (लगभग 100 मिमी) वर्षा दर्ज की गई।
वर्षा का येलो अलर्ट क्या होता है और इसे भारत में कौन जारी करता है?
वर्षा का येलो अलर्ट भारत मौसम विभाग (IMD) द्वारा आने वाले दिनों में भारी वर्षा की चेतावनी के लिए जारी किया जाता है। यह तीन अलर्ट स्तरों (येलो, ऑरेंज, रेड) में सबसे कम स्तर का है और मध्यम जोखिम को दर्शाता है।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और अक्टूबर 2025 में राजस्थान में हुई बारिश में इसकी क्या भूमिका थी?
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर क्षेत्र में बनने वाला बाह्य-उष्णकटिबंधीय चक्रवात है, जो उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा लाता है। अक्टूबर 2025 की घटना में 27 अक्टूबर से उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा था, जिसने अरब सागर के निम्न दबाव और चक्रवात मोंथा के साथ मिलकर वर्षा का प्रभाव बढ़ाया।
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