भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने अति निम्न पृथ्वी कक्षा (VLEO) में काम करने वाली उपग्रह प्रणालियाँ विकसित करने के लिए बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी में अगली पीढ़ी के VLEO उपग्रहों के लिए BEL की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण विशेषज्ञता को बेलाट्रिक्स की विद्युत प्रणोदन तकनीक से जोड़ा जाएगा।

VLEO उपग्रह मोटे तौर पर 100-450 किमी की ऊँचाई पर काम करते हैं। पारंपरिक निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) के उपग्रहों की तुलना में इनसे अधिक सूक्ष्म विवरण वाले चित्र मिलते हैं और संचार में कम देर लगती है। यह सहयोग भारत की बढ़ती अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के अनुरूप है, जिसके 2040 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। नवरत्न दर्जा प्राप्त रक्षा सार्वजनिक उपक्रम BEL ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹26,750 करोड़ का अनंतिम, गैर-अंकेक्षित कारोबार दर्ज किया। यह साझेदारी रक्षा और नागरिक, दोनों तरह के अंतरिक्ष उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण है।