इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मीटी) ने इंडियाएआई मिशन के तहत 18 नवंबर 2025 को 'युवा एआई फॉर ऑल' लॉन्च किया। यह अपनी तरह का पहला निःशुल्क राष्ट्रीय पाठ्यक्रम है, जो सभी भारतीयों, खासकर युवाओं, को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से परिचित कराता है। 4.5 घंटे का यह पाठ्यक्रम छात्र, पेशेवर और अन्य जिज्ञासु शिक्षार्थी अपनी गति से पूरा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एआई की बुनियादी बातें समझाना और यह दिखाना है कि एआई दुनिया को कैसे बदल रहा है। पाठ्यक्रम सरल, व्यावहारिक और भारतीय जीवन से जुड़े उदाहरणों से भरपूर है, ताकि सीखना प्रासंगिक और रोचक रहे। यह फ्यूचरस्किल्स प्राइम, आईगॉट कर्मयोगी और अन्य लोकप्रिय एड-टेक पोर्टलों सहित प्रमुख शिक्षण प्लेटफ़ॉर्मों पर निःशुल्क उपलब्ध है। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले प्रत्येक शिक्षार्थी को भारत सरकार का आधिकारिक प्रमाणपत्र मिलेगा। पाठ्यक्रम छह छोटे और रोचक मॉड्यूल में बाँटा गया है, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मूल आधार, उपयोग, नैतिकता और भविष्य से जुड़े पहलू शामिल हैं। इस पहल के ज़रिए मीटी का लक्ष्य 1 करोड़ नागरिकों को एआई के बुनियादी कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि डिजिटल विभाजन कम हो, नैतिक एआई उपयोग को बढ़ावा मिले और भारत का कार्यबल भविष्य के लिए तैयार हो सके। संगठन, विद्यालय और विश्वविद्यालय इंडियाएआई के साथ साझेदारी कर इस पाठ्यक्रम को देश के कोने-कोने तक पहुँचा सकते हैं। वे पाठ्यक्रम को अपने शिक्षण ढाँचे में शामिल कर सकते हैं, शिक्षार्थियों को इससे जोड़ सकते हैं और प्रमाणपत्रों पर सह-ब्रांडिंग कर सकते हैं। यह पाठ्यक्रम इंडियाएआई मिशन के लिए प्रख्यात एआई विशेषज्ञ और लेखक जसप्रीत बिंद्रा (एआई एंड बियॉन्ड तथा टेक व्हिस्परर लिमिटेड के संस्थापक) ने विकसित किया है। यह वैश्विक ज्ञान को भारत के संदर्भ से जोड़ता है और नैतिक, उत्तरदायी तथा समावेशी एआई उपयोग पर बल देता है। पाठ्यक्रम फ्यूचरस्किल्स प्राइम पर उपलब्ध है।