केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि देश के बैंकों और वित्तीय नियामकों के पास 1.84 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय संपत्तियां लावारिस पड़ी हैं। उन्होंने जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई — इन तीन स्तंभों पर आधारित तीन माह के अभियान का शुभारंभ किया। लावारिस राशियों में निष्क्रिय बैंक खाते, दावा न किए गए लाभांश और बीमा परिपक्वता आय शामिल हैं। उन्होंने बैंकिंग अधिकारियों से नामांकित व्यक्तियों और कानूनी उत्तराधिकारियों तक पहुंचने का आग्रह किया। यह अभियान भारत के वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग लक्ष्यों के अनुरूप है।
वित्त मंत्री ने 1.84 लाख करोड़ रुपये की लावारिस वित्तीय संपत्तियों पर ध्यान दिलाया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 अक्टूबर 2025 को बताया कि बैंकों और नियामकों के पास 1.84 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय संपत्तियां लावारिस हैं; जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई पर केंद्रित तीन महीने के अभियान की शुरुआत की।
मुख्य तथ्य
- वित्त मंत्री ने बताया कि भारत में 1.84 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय संपत्तियां लावारिस हैं।
- लावारिस संपत्तियां बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय नियामकों के पास पड़ी हैं।
- 4 अक्टूबर 2025 को तीन माह का जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई अभियान शुरू किया गया।
- अभियान का लक्ष्य लावारिस जमा, शेयर और बीमा राशि को सही मालिकों को लौटाना है।
- RBI का UDGAM पोर्टल नागरिकों को अपनी लावारिस बैंक जमा ऑनलाइन खोजने में मदद करता है।
- लावारिस वित्तीय संपत्तियां वित्तीय प्रणाली में नियामकीय और उपभोक्ता संरक्षण चुनौतियां उत्पन्न करती हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
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कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत कौन-सा कोष अदावी संपत्तियों की कुछ श्रेणियों का केंद्रीय भंडार माना जाता है?
निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण कंपनी कानून की व्यवस्था के तहत इस कोष का प्रशासन करता है। इसमें स्थानांतरित शेयर, अदावी लाभांश, परिपक्व जमा, परिपक्व डिबेंचर और इसी तरह की निवेशक राशियों की वापसी से जुड़े दावे निपटाए जाते हैं। इसलिए सही उत्तर निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कितनी लावारिस वित्तीय संपत्तियों का उल्लेख किया?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि भारत में बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय नियामकों के पास 1.84 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय संपत्तियां लावारिस हैं।
भारत में लावारिस वित्तीय संपत्तियों को लेकर कौन सा अभियान चलाया गया?
4 अक्टूबर 2025 को तीन माह का जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई अभियान शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य लावारिस जमा, शेयर और बीमा राशि को उनके सही मालिकों को वापस दिलाना है।
UDGAM पोर्टल क्या है और इसका संचालन कौन करता है?
UDGAM (अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स - गेटवे टू एक्सेस इन्फॉर्मेशन) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित एक पोर्टल है, जो नागरिकों को बैंकों में पड़ी अपनी लावारिस जमा राशि ऑनलाइन ढूंढने और उस पर दावा करने में मदद करता है।
भारत की वित्तीय प्रणाली में लावारिस वित्तीय संपत्तियां कहाँ पड़ी हैं?
भारत में लावारिस वित्तीय संपत्तियां बैंकों (लावारिस जमा के रूप में), बीमा कंपनियों (लावारिस पॉलिसी राशि के रूप में) और विभिन्न वित्तीय नियामकों के पास पड़ी हैं, जिनकी कुल राशि 1.84 लाख करोड़ रुपये है।
लावारिस वित्तीय संपत्तियों से कौन-सी नियामकीय चुनौतियां पैदा होती हैं?
लावारिस वित्तीय संपत्तियों से नियमन और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा होती हैं, क्योंकि ये ऐसी निधियां हैं जिनके बारे में सही मालिक या तो अनजान हैं या उन्हें प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए RBI, SEBI और IRDAI जैसे नियामकों की समन्वित कार्रवाई आवश्यक हो जाती है।
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