प्रकाशित: 20 नवंबर 2025टॉपिक
FY 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.54 लाख करोड़ तक पहुँचा
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.54 लाख करोड़ तक पहुँचा। रक्षा निर्यात 2014 के ₹1,000 करोड़ से कम से बढ़कर ₹23,622 करोड़ हो गया। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21% से 23% हुई और 16,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में भाग ले रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2.09 लाख करोड़ मूल्य के 193 अनुबंध किए। सरकार 2029 तक ₹3 लाख करोड़ उत्पादन और ₹50,000 करोड़ निर्यात का लक्ष्य रखती है। राजस्थान का रक्षा क्षेत्र से जुड़ाव पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज जैसे परीक्षण स्थलों से है; डीआरडीएल जयपुर में नहीं, हैदराबाद में स्थित है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारतीय सेना ने 2026 को 'नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता वर्ष' घोषित किया। 2024-25 का विषय क्या था?
व्याख्या · सही उत्तर D2024-25 को 'प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष' घोषित किया गया था, जिसका ध्यान नई विकसित प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन कितना रहा?
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ₹1.54 लाख करोड़ का अब तक का सर्वाधिक रक्षा उत्पादन दर्ज किया।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात कितना रहा?
भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में ₹23,622 करोड़ पहुँचा, जबकि 2014 में यह ₹1,000 करोड़ से कम था।
रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भूमिका क्या रही?
निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023-24 के 21% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23% हुई और लगभग 16,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहे हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा मंत्रालय ने कितने अनुबंध किए?
रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2,09,050 करोड़ के 193 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रक्षा आत्मनिर्भरता, निर्यात, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भागीदारी तथा 2029 तक ₹3 लाख करोड़ रक्षा विनिर्माण और ₹50,000 करोड़ रक्षा निर्यात के लक्ष्यों से जुड़ा है।