वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.54 लाख करोड़ तक पहुँचा। रक्षा निर्यात 2014 के ₹1,000 करोड़ से कम से बढ़कर ₹23,622 करोड़ हो गया। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21% से 23% हुई और 16,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में भाग ले रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2.09 लाख करोड़ मूल्य के 193 अनुबंध किए। सरकार 2029 तक ₹3 लाख करोड़ उत्पादन और ₹50,000 करोड़ निर्यात का लक्ष्य रखती है। राजस्थान का रक्षा क्षेत्र से जुड़ाव पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज जैसे परीक्षण स्थलों से है; डीआरडीएल जयपुर में नहीं, हैदराबाद में स्थित है।