भारत सरकार ने स्वर्ण आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग का छठा चरण लागू किया, जिसमें सात जिले जोड़े गए: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)। इससे कुल दायरा 380 जिलों तक पहुंच गया।

भारतीय मानक ब्यूरो ने बताया कि 1 जुलाई 2021 से 5 मार्च 2026 के बीच 60 करोड़ से अधिक स्वर्ण वस्तुओं पर अद्वितीय हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या से हॉलमार्किंग की गई। अनिवार्य हॉलमार्किंग स्वर्ण आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित करती है और उपभोक्ता हितों की रक्षा करती है। 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट श्रेणियों के स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्क लगाया जा सकता है।