भारत की कृषि में चक्रीय अर्थव्यवस्था पहल 50% जिलों तक पहुँच गई है। जनवरी 2026 तक GOBARdhan के तहत 979 बायोगैस प्लांट संचालित हो रहे हैं। भारत हर साल लगभग 35 करोड़ टन कृषि अपशिष्ट उत्पन्न करता है और कार्यक्रम फसल अवशेषों व पशु गोबर को बायो-CNG और कम्पोस्ट में बदलने पर केंद्रित है।

कृषि अवशेष 18,000 MW से अधिक बिजली उत्पन्न कर सकते हैं। मीथेन को पकड़ने से यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभाव कम करने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है। 2050 तक 1 करोड़ रोजगार का अनुमान है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में सरसों अवशेष से बायो-CNG प्लांट विशेष रूप से लाभदायक रहे हैं।