सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति, जिन पर 6 करोड़ रुपये का इनाम था, ने 15 अक्टूबर 2025 को 60 कैडरों के साथ गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। यह महाराष्ट्र के इतिहास के सबसे बड़े आत्मसमर्पणों में से एक है। तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले से ताल्लुक रखने वाले वाणिज्य स्नातकोत्तर भूपति ने आत्मसमर्पण के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति को अपनी शर्त बनाया था। उन्होंने शांति वार्ता के लिए एक माह के युद्धविराम का आग्रह किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे गढ़चिरौली में चार दशकों के नक्सलवाद के प्रतीकात्मक अंत की शुरुआत का 'निर्णायक मोड़' बताया।
प्रमुख नक्सल कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने गढ़चिरौली में 60 कैडरों के साथ आत्मसमर्पण किया
सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति, जिन पर 6 करोड़ रुपये का इनाम था, ने 15 अक्टूबर 2025 को 60 कैडरों के साथ गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया — यह महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे बड़े आत्मसमर्पणों में से एक है। तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले से ताल्लुक रखने वाले वाणिज्य स्नातकोत्तर भूपति ने आत्मसमर्पण के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति की पूर्व-शर्त रखी थी। उन्होंने शांति वार्ता के लिए एक माह के युद्धविराम का आग्रह किया। सीएम फडणवीस ने इसे गढ़चिरौली में चार दशकों के नक्सलवाद के प्रतीकात्मक अंत की शुरुआत का 'निर्णायक मोड़' बताया।
मुख्य तथ्य
- शीर्ष नक्सल कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण किया।
- वे 6 करोड़ रुपये इनामी सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो सदस्य थे।
- 60 कैडरों ने उनके साथ आत्मसमर्पण किया — यह महाराष्ट्र के इतिहास के सबसे बड़े आत्मसमर्पणों में से एक माना गया।
- CM फडणवीस ने इसे गढ़चिरौली में नक्सलवाद के प्रतीकात्मक अंत की दिशा में 'निर्णायक मोड़' बताया।
- आत्मसमर्पण के दौरान शांति वार्ता के लिए एक माह के युद्धविराम का आग्रह किया गया।
- यह घटना मध्य भारत में माओवादी विचारधारा को गंभीर झटका मानी जा रही है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण करने वाले सीपीआई (माओवादी) पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव पर कितने रुपये का इनाम था?
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति, वाणिज्य में स्नातकोत्तर, पर 6 करोड़ रुपये का इनाम था। मुख्यमंत्री फडणवीस ने 60 कैडरों के साथ उनके आत्मसमर्पण को गढ़चिरौली में चार दशक के नक्सलवाद के अंत का प्रतीक बताया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव कौन हैं और उनका उपनाम क्या था?
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव, जिन्हें भूपति के नाम से भी जाना जाता था, सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य थे। उन पर 6 करोड़ रुपये का इनाम था। उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरौली में महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया।
गढ़चिरौली में मल्लोजुला वेणुगोपाल राव के साथ कितने कैडरों ने आत्मसमर्पण किया?
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव के साथ 60 कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। यह महाराष्ट्र के इतिहास के सबसे बड़े सामूहिक आत्मसमर्पणों में से एक था।
अक्टूबर 2025 के गढ़चिरौली नक्सल आत्मसमर्पण का क्या महत्व था?
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने इस आत्मसमर्पण को गढ़चिरौली में नक्सलवाद के प्रतीकात्मक अंत का 'निर्णायक मोड़' बताया। इसे मध्य भारत में माओवादी विचारधारा के लिए गंभीर झटका माना गया।
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने आत्मसमर्पण से पहले क्या शर्त रखी थी?
मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने शर्त रखी थी कि आत्मसमर्पण के समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद रहें। उन्होंने शांति वार्ता के लिए एक माह के युद्धविराम का भी आग्रह किया।
सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो क्या है और भारत की आंतरिक सुरक्षा में इसका क्या महत्व है?
सीपीआई (माओवादी) पोलितब्यूरो, भारत में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के पीछे मुख्य संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। इसके सदस्य छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में माओवादी विद्रोह के शीर्ष नेतृत्व माने जाते हैं।
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