अभ्यास गरुड़ 2025 — भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच द्विपक्षीय वायु युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास का 8वां संस्करण — 16–27 नवंबर 2025 तक दक्षिणी फ्रांस के मोंट-डी-मार्सां एयर बेस पर आयोजित किया गया। भारत ने आईएल-78 टैंकर और सी-17 ग्लोबमास्टर रणनीतिक एयरलिफ्ट विमानों के सहयोग से सुखोई-30 एमकेआई बहु-भूमिका लड़ाकू विमान तैनात किए, जबकि फ्रांस ने राफेल विमान उड़ाए। गरुड़ अभ्यास पहली बार 2003 में आयोजित हुआ था और यह भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का आधार स्तंभ है, जिसे होराइजन 2047 रोडमैप तक उन्नत किया गया है। मुख्य उद्देश्यों में हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन संचालन में आपसी तालमेल बढ़ाना, सामरिक श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियां साझा करना और संयुक्त घायल निकासी अभ्यास शामिल थे। भारतीय वायुसेना के सूरतगढ़ और नल हवाई अड्डे राजस्थान सेक्टर में महत्वपूर्ण परिचालन तत्परता बनाए रखते हैं।
अभ्यास गरुड़ 2025: भारतीय वायुसेना ने मोंट-डी-मार्सां में फ्रांस के साथ द्विपक्षीय वायु युद्ध अभ्यास में भाग लिया
अभ्यास गरुड़ 2025 — भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच द्विपक्षीय वायु युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास का 8वां संस्करण — 16–27 नवंबर 2025 तक दक्षिणी फ्रांस के मोंट-डी-मार्सां एयर बेस पर आयोजित हुआ। भारत ने आईएल-78 टैंकर और सी-17 ग्लोबमास्टर रणनीतिक एयरलिफ्ट विमानों की सहायता से सुखोई-30 एमकेआई बहु-भूमिका लड़ाकू विमान तैनात किए, जबकि फ्रांस ने राफेल विमान उड़ाए। 2003 में पहली बार आयोजित गरुड़ अभ्यास भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का आधार स्तंभ है, जिसे होराइजन 2047 रोडमैप तक उन्नत किया गया है। इसके मुख्य उद्देश्यों में हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन संचालन में आपसी तालमेल बढ़ाना, बेहतर सामरिक तरीके साझा करना और संयुक्त घायल निकासी अभ्यास शामिल थे। भारतीय वायुसेना के सूरतगढ़ और नल हवाई अड्डे राजस्थान सेक्टर में महत्वपूर्ण परिचालन तत्परता बनाए रखते हैं।
मुख्य तथ्य
- अभ्यास गरुड़ 2025 दक्षिणी फ्रांस के मोंट-डी-मार्सां में 16–27 नवंबर तक आयोजित हुआ।
- भारत ने सुखोई-30 एमकेआई, आईएल-78 टैंकर और सी-17 ग्लोबमास्टर सहायक विमान तैनात किए।
- फ्रांस ने राफेल विमान उड़ाए, जो भारत के 36-विमान बेड़े जैसे हैं।
- उद्देश्यों में हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन अभियानों में आपसी तालमेल बढ़ाना शामिल था।
- यह अभ्यास भारत-फ्रांस होराइजन 2047 रणनीतिक रोडमैप पर आधारित है।
- भारतीय वायुसेना के लिए राजस्थान में सूरतगढ़ और नल बेस परिचालन तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: होराइजन 2047 रोडमैप के ढांचे में मोंट-डी-मार्सां में आयोजित 8वें भारत-फ्रांस द्विपक्षीय वायु अभ्यास गरुड़ 2025 के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
16-27 नवंबर 2025 को फ्रांस के मोंट-डी-मार्सां वायु अड्डे पर आयोजित अभ्यास गरुड़ 2025, 2003 से इसका 8वां संस्करण था। भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30 एमकेआई को आईएल-78 टैंकरों और सी-17 ग्लोबमास्टर के साथ तैनात किया; फ्रांस ने राफेल उतारे। अभ्यास ने दोनों वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाया और होराइजन 2047 रोडमैप के अंतर्गत साझेदारी मजबूत की।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभ्यास गरुड़ क्या है और 2025 में इसका कौन सा संस्करण आयोजित हुआ?
अभ्यास गरुड़ भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच एक द्विपक्षीय वायु युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास है। 2025 में इसका 8वां संस्करण आयोजित किया गया।
अभ्यास गरुड़ 2025 कहाँ और कब आयोजित हुआ?
अभ्यास गरुड़ 2025 दक्षिणी फ्रांस के मोंट-डी-मार्सां एयर बेस पर 16–27 नवंबर 2025 तक आयोजित किया गया।
अभ्यास गरुड़ 2025 में भारत और फ्रांस ने कौन से विमान तैनात किए?
भारत ने आईएल-78 टैंकर और सी-17 ग्लोबमास्टर रणनीतिक परिवहन विमानों की सहायता से सुखोई-30 एमकेआई बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान तैनात किए, जबकि फ्रांस ने राफेल विमान उड़ाए — ये विमान 2016 के 36-विमान सौदे के अंतर्गत भारत के पास भी हैं।
अभ्यास गरुड़ किस रणनीतिक ढाँचे के अंतर्गत आयोजित होता है?
अभ्यास गरुड़ भारत-फ्रांस होराइजन 2047 रणनीतिक रोडमैप पर आधारित है, जो द्विपक्षीय रक्षा और रणनीतिक सहयोग का दीर्घकालिक ढाँचा है।
राजस्थान में भारतीय वायुसेना के कौन से बेस अभ्यास गरुड़ से जुड़े रणनीतिक महत्व के हैं?
राजस्थान में भारतीय वायुसेना के सूरतगढ़ और नल बेस परिचालन तत्परता के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं और गरुड़ जैसे द्विपक्षीय अभ्यासों से जुड़े भारत के पश्चिमी वायु रक्षा ढाँचे की दृष्टि से प्रासंगिक हैं।
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