दिसंबर 2025 में इंडिगो — भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन, जिसकी घरेलू बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी है — गंभीर समय-सारणी संकट में फँस गई। इसके कारण 2 से 12 दिसंबर 2025 के बीच लगभग 4,500 उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री प्रभावित हुए। मुख्य वजह यह थी कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा अनिवार्य किए गए नए उड़ान ड्यूटी समय-सीमा (FDTL) नियमों के अनुसार चालक-दल की समय-सारणी प्रणाली में बदलाव नहीं किया गया। ये नियम जून 2024 में घोषित किए गए थे, जिनमें पायलटों की अनिवार्य आराम अवधि बढ़ाई गई और रात्रि ड्यूटी पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए। 9 दिसंबर 2025 को DGCA ने इंडिगो को शीतकालीन उड़ान अनुसूची में 5% कटौती का आदेश दिया, जिसे बाद में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 10% तक संशोधित किया। प्रभावित यात्रियों को पूरी धनवापसी देने का निर्देश दिया गया। बाद में DGCA ने इस व्यवधान के लिए इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया।