23 फरवरी 2026 को भारत सरकार ने बताया कि भारत और फ्रांस की सरकारों ने 29 सितंबर 1992 को हस्ताक्षरित द्विपक्षीय कर परिहार संधि (DTAC/DTAA) में संशोधन के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए, जिससे कर प्रावधानों को आधुनिक बनाया गया और OECD/G20 द्वारा विकसित वैश्विक आधार क्षरण और लाभ स्थानांतरण (BEPS) मानकों के अनुरूप किया गया।

संशोधन में संधि दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रिंसिपल पर्पज टेस्ट (PPT), डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए स्थायी प्रतिष्ठान (PE) की परिभाषाओं में संशोधन, और विवाद समाधान के लिए पारस्परिक समझौता प्रक्रियाओं (MAP) पर प्रावधान शामिल हैं। भारत-फ्रांस द्विपक्षीय व्यापार लगभग 13 अरब यूरो वार्षिक है। राजस्थान की दृष्टि से, नवीकरणीय ऊर्जा में फ्रांसीसी निवेश — विशेषकर सौर — महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजस्थान 20 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता के साथ भारत का अग्रणी सौर ऊर्जा राज्य है।