इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025 का दूसरा संस्करण 4 से 6 सितंबर 2025 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसका आयोजन औषधि विभाग ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, चिकित्सा उपकरण निर्यात संवर्धन परिषद और केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन के साथ मिलकर किया। यह आयोजन भारत स्वास्थ्य 2025 पहल का हिस्सा था। इसका विषय था: "भारत: ग्लोबल मेडटेक मैन्युफैक्चरिंग हब, प्रिसीजन इंजीनियरिंग फिर भी किफायती"।

परीक्षा की दृष्टि से यह खबर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, औद्योगिक नीति और सरकारी पहल जैसे विषयों से जुड़ती है। एक्सपो में 350 से अधिक प्रदर्शक, 500 से अधिक कंपनियां और 30 से अधिक देशों के 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार जुड़े। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, स्टार्ट-अप, शोध संस्थानों, भावी नवाचार पैवेलियन, सरकारी पहलों और राज्यों की प्रदर्शनी को जगह दी गई। आयोजन में विषयगत कॉन्फ्रेंस, सीईओ गोलमेज बैठकें, राज्यों पर केंद्रित सत्र, बी2बी बैठकें, रिवर्स बायर-सेलर मीट और नियामक ओपन हाउस भी शामिल रहे।

इंडिया मेडटेक एक्सपो को भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र की क्षमता दिखाने वाले प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म के रूप में पेश किया गया। चिकित्सा उपकरण क्षेत्र का बाजार आकार लगभग 15 अरब डॉलर बताया गया और 2030 तक 30 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान दिया गया। एक्सपो से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण घटना में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने मेडिकल इनोवेशंस-पेटेंट मित्र पहल के तहत 9 स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों के लाइसेंस उद्योग भागीदारों को दिए। इससे 17 लाइसेंसिंग समझौते हुए, जो संक्रमण रोग निदान, इम्यूनोडायग्नोस्टिक्स और वैक्सीन विकास से जुड़े थे। स्टैटिक जीके के लिए इसे सार्वजनिक शोध, निजी उद्योग, स्वास्थ्य नवाचार, आत्मनिर्भर विनिर्माण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर पढ़ना उपयोगी है।