भारत ने बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता और आपूर्ति-शृंखला के जोखिमों के बीच 2029 तक रक्षा क्षेत्र में ₹3 लाख करोड़ के उत्पादन और ₹50,000 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य घोषित किया। ये लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में सरकार के मेक इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की नीति दर्शाते हैं।

भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 में 17% बढ़कर ₹1.27 लाख करोड़ तक पहुँच गया। इसी अवधि में रक्षा निर्यात ₹21,000 करोड़ को पार कर गया। लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और मिसाइल प्रणालियों सहित उन्नत रक्षा प्रणालियों के स्वदेशी विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023-24 के 21% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23% हो गई।