भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 17 सितंबर 2025 को Yes Bank में अपनी 13.18% हिस्सेदारी जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को ₹8,889 करोड़ में बेची। SMBC ने SBI की 13.18% हिस्सेदारी और HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank तथा Kotak Mahindra Bank सहित सात अन्य बैंकों की 6.81% हिस्सेदारी ₹21.50 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी। इस तरह उसने कुल 20% हिस्सेदारी के लिए ₹13,483 करोड़ चुकाए।

यह भारत के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा सीमा-पार विलय और अधिग्रहण सौदा था। इसे 22 अगस्त को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और 2 सितंबर 2025 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की मंज़ूरी मिली। हिस्सेदारी बेचने वाले बैंकों को इससे मिली राशि पर कर नहीं देना होगा। 2020 में SBI के नेतृत्व वाले बैंक समूह ने Yes Bank को संकट से उबारा था। उसके पाँच साल बाद हुए इस सौदे से Yes Bank का मालिकाना ढाँचा बदला और SMBC ने भारतीय बैंकिंग बाज़ार में रणनीतिक प्रवेश किया।