प्रकाशित: 5 दिसंबर 2025शासन
डिजिटल संविधानवाद पर बहस: भारत में गोपनीयता, निगरानी और एल्गोरिदमिक पक्षपात
विशेषज्ञों ने डिजिटल संविधानवाद के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया — यानी डिजिटल क्षेत्र में स्वतंत्रता, गोपनीयता और समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को लागू करना। 2017 के पुट्टस्वामी निर्णय (गोपनीयता का अधिकार मौलिक अधिकार) और EU के GDPR (2018) के बाद यह अवधारणा अधिक चर्चा में आई।
भारत में प्रमुख चुनौतियों में IT अधिनियम 2000 और टेलीग्राफ अधिनियम के तहत अनियंत्रित निगरानी, कमजोर सहमति तंत्र और AI प्रणालियों में एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह शामिल हैं। भारत का DPDP अधिनियम 2023 कुछ चिंताओं पर ध्यान देता है, लेकिन आधुनिक निगरानी कानून और एल्गोरिदम विनियमन का अभाव है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · मुख्य
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
NLU जोधपुर की InfoSec Chair के साथ कौन-सा संयुक्त प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर BNLU जोधपुर और IIRIS की साझेदारी में Cyber-Led Forensic Investigation and Diligence नाम से संयुक्त प्रमाणपत्र कार्यक्रम घोषित किया गया। यह कार्यक्रम कानून, तकनीक और जांच-प्रक्रिया के संगम पर व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए है।