4 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की यात्रा के दौरान भारत और सिंगापुर ने पांच प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते नागरिक उड्डयन, अंतरिक्ष सहयोग, कौशल विकास, डिजिटल परिसंपत्ति नवाचार और हरित एवं डिजिटल शिपिंग कॉरिडोर से जुड़े हैं। नागरिक उड्डयन समझौता विस्तारित वायु संपर्क से जुड़ा है, जबकि अंतरिक्ष सहयोग में उपग्रह डेटा साझाकरण और अंतरिक्ष क्षेत्र में संस्थागत सहयोग जैसे पहलू शामिल हैं। कौशल विकास का फोकस कार्यबल प्रशिक्षण और योग्यता की मान्यता पर है। डिजिटल परिसंपत्ति नवाचार फिनटेक नियमन और सहयोग से जुड़ा है, और हरित जहाजरानी टिकाऊ समुद्री व्यापार के लिए अहम है।

यात्रा के दौरान पीएसए मुंबई में कंटेनर हैंडलिंग के लिए नए बर्थ का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने सेमीकंडक्टर, जैव-प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण और व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की तीसरी समीक्षा पर चर्चा की। संयुक्त वक्तव्य में व्यापक सामरिक साझेदारी की पुष्टि की गई।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे भारत-सिंगापुर संबंध, आसियान के साथ भारत की आर्थिक पहुंच, फिनटेक सहयोग, बंदरगाह और समुद्री व्यापार, कौशल विकास, अंतरिक्ष सहयोग तथा हरित जहाजरानी जैसे बिंदु पूछे जा सकते हैं। स्टैटिक जीके में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता, मुक्त व्यापार समझौते और समुद्री व्यापार मार्ग से इसका संबंध बनता है। मुख्य परीक्षा में यह उदाहरण दिखाता है कि आधुनिक द्विपक्षीय साझेदारी सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि डिजिटल वित्त, उन्नत विनिर्माण, कौशल और टिकाऊ समुद्री ढांचे को भी साथ लेकर चलती है।