भारतीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के अधिक व्यस्त रेल कॉरिडोरों पर 1,452 रूट किलोमीटर में सफलतापूर्वक चालू किया गया है। कवच रेडियो-आवृत्ति पहचान (RFID) टैग, ट्रेन में लगे उपकरणों और रेडियो टावरों के बीच वास्तविक समय में संपर्क स्थापित करता है। इससे खतरे का सिग्नल पार करने (SPAD) की घटना रोकी जाती है, तेज़ रफ्तार नियंत्रित होती है और खराब मौसम में सुरक्षा बनी रहती है।

संस्करण 4.0 की प्रमुख विशेषताओं में स्थान का अधिक सटीक पता लगाने की क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से सीधा जुड़ाव, ऑप्टिकल फाइबर और अति उच्च आवृत्ति (UHF) रेडियो संपर्क, स्वचालित ब्रेकिंग तथा आपात सहायता (SOS) सुविधा शामिल हैं। गंभीर ट्रेन दुर्घटनाएँ 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में फरवरी 2026 तक 14 रह गईं, यानी करीब 90% की कमी।