प्रकाशित: 12 मार्च 2026DD Newsअर्थव्यवस्था
दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर 1,452 रूट किलोमीटर में कवच 4.0 चालू
भारतीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के अधिक व्यस्त रेल कॉरिडोरों पर 1,452 रूट किलोमीटर में सफलतापूर्वक चालू किया गया है। कवच रेडियो-आवृत्ति पहचान (RFID) टैग, ट्रेन में लगे उपकरणों और रेडियो टावरों के बीच वास्तविक समय में संपर्क स्थापित करता है। इससे खतरे का सिग्नल पार करने (SPAD) की घटना रोकी जाती है, तेज़ रफ्तार नियंत्रित होती है और खराब मौसम में सुरक्षा बनी रहती है।
संस्करण 4.0 की प्रमुख विशेषताओं में स्थान का अधिक सटीक पता लगाने की क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से सीधा जुड़ाव, ऑप्टिकल फाइबर और अति उच्च आवृत्ति (UHF) रेडियो संपर्क, स्वचालित ब्रेकिंग तथा आपात सहायता (SOS) सुविधा शामिल हैं। गंभीर ट्रेन दुर्घटनाएँ 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में फरवरी 2026 तक 14 रह गईं, यानी करीब 90% की कमी।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय रेलवे की स्वदेशी कवच 4.0 प्रणाली 1,452 रूट किलोमीटर पर चालू हुई है। दुर्घटना-कमी एवं रेल सुरक्षा में तकनीकी आत्मनिर्भरता में इसकी भूमिका की परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 दिल्ली-मुंबई एवं दिल्ली-हावड़ा गलियारों पर 1,452 रूट किलोमीटर में चालू हुई। रेडियो-आवृत्ति पहचान टैग, ऑन-बोर्ड उपकरण और रेडियो टावरों की मदद से यह ट्रेन को खतरे के संकेत को पार करने से रोकती है। दुर्घटनाएं 2014-15 के 135 से 2025-26 में 14 रह गईं, यानी 90 प्रतिशत कमी।
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भारतीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा गलियारों पर कितने रूट किलोमीटर पर चालू किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Cकवच 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा उच्च-घनत्व गलियारों के 1,452 रूट किमी हिस्से पर चालू किया गया। यह खतरे के सिग्नल को पार करने (SPAD) से रोकने और अति-गति नियंत्रण के लिए RFID टैग, ऑन-बोर्ड उपकरण और रेडियो टावरों का उपयोग करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कवच 4.0 क्या है और इसे किन रेल कॉरिडोरों पर चालू किया गया है?
**कवच 4.0** भारतीय रेलवे की स्वदेशी **स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली** है। इसे **दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर** के **1,452 रूट किलोमीटर** हिस्से में चालू किया गया है। यह खतरे का सिग्नल पार करने (SPAD) से रोकने के लिए RFID टैग, ट्रेन में लगे उपकरणों और रेडियो टावरों का उपयोग करती है।
कवच 4.0 में पिछले संस्करणों की तुलना में कौन-सी नई विशेषताएँ हैं?
**कवच 4.0** में **स्थान का अधिक सटीक पता लगाने की क्षमता**, **इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जुड़ाव**, **ऑप्टिकल फाइबर और UHF रेडियो संपर्क**, **स्वचालित ब्रेकिंग** तथा **रेडियो से आपात संदेश भेजने की सुविधा (SOSR)** शामिल हैं। ये सुविधाएँ अधिक व्यस्त कॉरिडोर के **1,452 रूट किलोमीटर** हिस्से में उपलब्ध हैं।
कवच से भारत में 2014 के बाद गंभीर रेल दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई है?
गंभीर रेल दुर्घटनाएँ **2014-15 में 135** से घटकर **2025-26 में फरवरी 2026 तक 14** रह गईं, यानी करीब **90% की कमी**। **कवच 4.0** दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के **1,452 रूट किलोमीटर** हिस्से में चालू है।
कवच 4.0 में SOSR आपात प्रसारण सुविधा क्या है?
**रेडियो से आपात संदेश भेजने की सुविधा (SOSR)** कवच 4.0 की नई विशेषता है। इससे ट्रेन सुरक्षा नेटवर्क पर आपात संदेश तुरंत भेजा जा सकता है। कवच 4.0 दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के **1,452 रूट किलोमीटर** हिस्से में चालू है और 2014-15 से दुर्घटनाएँ करीब **90%** कम हुई हैं।
खतरे का सिग्नल पार करना (SPAD) क्या है और कवच 4.0 इसे कैसे रोकता है?
**खतरे का सिग्नल पार करना (SPAD)** वह स्थिति है, जब कोई ट्रेन लाल सिग्नल पार कर जाती है और टक्कर का खतरा पैदा होता है। **कवच 4.0** RFID टैग, ट्रेन में लगे उपकरणों, रेडियो टावरों और **स्वचालित ब्रेकिंग** की मदद से इसे रोकता है। यह व्यवस्था दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के **1,452 रूट किलोमीटर** हिस्से में लागू है।