राजस्थान सरकार ने 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक अधिसूचना S.O. 152 से 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' का मसौदा प्रकाशित किया। प्रकाशन की तिथि से 45 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि के बाद मसौदा नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। ये नियम केंद्र की मजदूरी संहिता, 2019 — भारत की चार नई श्रम संहिताओं में से एक, जो 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एक साथ लाती है — को राज्य स्तर पर लागू करते हैं। राजस्थान नियम न्यूनतम मजदूरी, मजदूरी भुगतान, बोनस भुगतान और असंगठित क्षेत्र सहित सभी श्रमिकों के लिए समान पारिश्रमिक को नियंत्रित करते हैं। मसौदा नियमों में न्यूनतम मजदूरी निर्धारण, मजदूरी भुगतान की समय-सीमा, गैर-अनुपालन पर दंड और प्रवर्तन ढाँचे शामिल हैं। यह राजस्थान के बड़े असंगठित कार्यबल के लिए महत्वपूर्ण है — विशेषकर कृषि मजदूरों, निर्माण श्रमिकों और अनौपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए।
राजस्थान मजदूरी संहिता नियम 2026 प्रकाशित: 13 जनवरी को मसौदा अधिसूचित, अंतिम रूप देने से पहले 45 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि
राजस्थान सरकार ने 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक अधिसूचना S.O. 152 से 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' का मसौदा प्रकाशित किया। प्रकाशन की तिथि से 45 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि के बाद मसौदा नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। ये नियम केंद्र की मजदूरी संहिता, 2019 — भारत की चार नई श्रम संहिताओं में से एक, जो 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करती है — को राज्य स्तर पर लागू करते हैं। राजस्थान नियम न्यूनतम मजदूरी, मजदूरी भुगतान, बोनस भुगतान और असंगठित क्षेत्र सहित सभी श्रमिकों के लिए समान पारिश्रमिक को विनियमित करते हैं। मसौदा नियमों में न्यूनतम मजदूरी निर्धारण, मजदूरी भुगतान की समय-सीमा, गैर-अनुपालन पर दंड और प्रवर्तन ढाँचे शामिल हैं। यह राजस्थान के बड़े असंगठित कार्यबल के लिए महत्वपूर्ण है — विशेषकर कृषि मजदूरों, निर्माण श्रमिकों और अनौपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान ने 13 जनवरी को अधिसूचना S.O. 152 के तहत 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' का मसौदा प्रकाशित किया।
- ये नियम केंद्रीय मजदूरी संहिता, 2019 को लागू करते हैं, जिसमें 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एक साथ जोड़ा गया है।
- नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सार्वजनिक परामर्श के लिए 45 दिन दिए गए हैं।
- ये नियम सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, बोनस और समान पारिश्रमिक से जुड़े प्रावधानों को नियंत्रित करते हैं।
- मजदूरी संहिता, 2019 ने न्यूनतम वेतन, वेतन भुगतान, बोनस और समान पारिश्रमिक से जुड़े चार अधिनियमों को एक साथ समाहित किया।
- राजस्थान के बड़े असंगठित कार्यबल — कृषि मजदूरों और निर्माण श्रमिकों — के लिए यह महत्वपूर्ण है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान सरकार ने मसौदा 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' किस तिथि को प्रकाशित किया?
लेख के अनुसार मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026 का मसौदा 13 जनवरी, 2026 को अधिसूचना एस.ओ. 152 से प्रकाशित किया गया था।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान मजदूरी संहिता नियम 2026 का मसौदा कब और किस अधिसूचना से प्रकाशित किया गया?
मसौदा 13 जनवरी 2026 को राजस्थान सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना S.O. 152 से प्रकाशित किया गया।
राजस्थान मजदूरी संहिता नियम 2026 के लिए कितने दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि निर्धारित है?
प्रकाशन की तिथि से 45 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि निर्धारित की गई है, जिसके बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस प्रकार अंतिम तिथि फरवरी 2026 के अंत तक है।
राजस्थान मजदूरी संहिता नियम 2026 किस केंद्रीय कानून को राज्य स्तर पर लागू करते हैं?
ये नियम केंद्रीय मजदूरी संहिता, 2019 को लागू करते हैं, जिसने न्यूनतम वेतन अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम और समान पारिश्रमिक अधिनियम — चार पुराने कानूनों को समेकित किया।
राजस्थान मजदूरी संहिता नियम 2026 किन श्रमिकों पर लागू होते हैं?
ये नियम सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, बोनस और समान पारिश्रमिक को नियंत्रित करते हैं, जिनमें कृषि मजदूर और निर्माण श्रमिक जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगार भी शामिल हैं।
मजदूरी संहिता 2019 कितने केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करती है और भारत में कुल कितनी नई श्रम संहिताएँ हैं?
मजदूरी संहिता 2019 कुल 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करती है। भारत में कुल चार नई श्रम संहिताएँ हैं।
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