भारत ने 24 दिसंबर 2025 को 'डिजिटल न्याय से कुशल और त्वरित निपटान' विषय पर राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया। यह दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति की स्मृति में मनाया जाता है। 2025 संस्करण में उपभोक्ता विवाद निपटान में डिजिटल प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया गया। 1 जनवरी 2025 को शुरू किए गए ई-जागृति पोर्टल ने मध्य-नवंबर 2025 तक 1.35 लाख से अधिक मामले दर्ज कराने और 1.31 लाख से अधिक मामलों के निपटान में मदद की, जिसमें 2.81 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता (NRI सहित) शामिल रहे। AI-सक्षम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 2.0 बहुभाषी सेवाओं, चैटबॉट और त्वरित शिकायत निवारण के ज़रिए प्रतिवर्ष 12 लाख से अधिक शिकायतें हल करती है, जिसमें लगभग 65 प्रतिशत पंजीकरण डिजिटल माध्यमों से है। जुलाई 2025 में दस राज्यों और NCDRC ने 100 प्रतिशत से अधिक निपटान दर दर्ज की। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत जिला आयोग, राज्य आयोग और NCDRC भारत की उपभोक्ता न्याय संरचना के प्रमुख स्तंभ हैं।
राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस 2025: 'डिजिटल न्याय से कुशल और त्वरित निपटान' विषय भारत में प्रौद्योगिकी-आधारित शिकायत निवारण पर जोर देता है
भारत ने 24 दिसंबर 2025 को 'डिजिटल न्याय से कुशल और त्वरित निपटान' विषय पर राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया। यह दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने की स्मृति में मनाया जाता है। 2025 संस्करण में उपभोक्ता विवादों के निपटान में डिजिटल प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया गया। 1 जनवरी 2025 को शुरू किए गए ई-जागृति पोर्टल ने नवंबर 2025 के मध्य तक 1.35 लाख से अधिक मामले दर्ज कराने और 1.31 लाख से अधिक मामलों के निपटान में मदद की, जिसमें 2.81 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता (NRI सहित) शामिल रहे। AI-सक्षम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 2.0 बहुभाषी सेवाओं, चैटबॉट और त्वरित शिकायत निवारण से प्रतिवर्ष 12 लाख से अधिक शिकायतें हल करती है, जिसमें लगभग 65 प्रतिशत पंजीकरण डिजिटल चैनलों से है। जुलाई 2025 में दस राज्यों और NCDRC ने 100 प्रतिशत से अधिक निपटान दर दर्ज की। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत जिला आयोग, राज्य आयोग और NCDRC भारत की उपभोक्ता न्याय संरचना के प्रमुख स्तंभ हैं।
मुख्य तथ्य
- 24 दिसंबर 2025 को 'त्वरित निपटान के लिए डिजिटल न्याय' विषय पर राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया गया।
- यह दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति की स्मृति में मनाया जाता है।
- ई-जागृति पोर्टल (1 जनवरी 2025 से) ने 1.35 लाख मामले दर्ज किए और 1.31 लाख मामलों का निपटान किया।
- AI-सक्षम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 2.0 प्रतिवर्ष 12 लाख से अधिक शिकायतें हल करती है।
- जुलाई 2025 में दस राज्यों और NCDRC ने 100% से अधिक निपटान दर दर्ज की।
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 जिला, राज्य और राष्ट्रीय आयोगों की त्री-स्तरीय संरचना की व्यवस्था करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के 2025 उपभोक्ता अधिकार दिवस का विषय 'डिजिटल न्याय' है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत लंबित मामले घटाने में ई-जागृति एवं एआई-सक्षम हेल्पलाइन की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
24 दिसंबर 2025 को उपभोक्ता अधिकार दिवस 'डिजिटल न्याय' विषय पर मनाया गया, जिसने डिजिटल विवाद-निपटारे पर बल दिया। 1 जनवरी 2025 को शुरू ई-जागृति पोर्टल ने मध्य-नवंबर 2025 तक 1.35 लाख मामले दाखिल कराने और 1.31 लाख निपटानों में मदद की; इसके 2.81 लाख उपयोगकर्ता थे। हेल्पलाइन 2.0 सालाना 12 लाख शिकायतें निपटाती है; दस राज्य एवं एनसीडीआरसी ने 100% निपटान पार किया।
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1 जनवरी 2025 को शुरू किए गए ई-जागृति पोर्टल से नवंबर 2025 के मध्य तक कितने मामलों की फाइलिंग हो सकी?
1 जनवरी 2025 को शुरू किए गए ई-जागृति पोर्टल से नवंबर 2025 के मध्य तक 1.35 लाख से अधिक मामले दाखिल हुए और 1.31 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हुआ।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस प्रत्येक वर्ष 24 दिसंबर को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने की स्मृति में मनाया जाता है। इसी अधिनियम ने भारत में उपभोक्ता अधिकारों का व्यवस्थित ढाँचा स्थापित किया। 2025 का विषय 'डिजिटल न्याय से कुशल और त्वरित निपटान' था।
e-Jagriti पोर्टल क्या है और इसकी शुरुआत के बाद क्या उपलब्धियाँ हुई हैं?
ई-जागृति पोर्टल 1 जनवरी 2025 को शुरू किया गया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ता शिकायतों को डिजिटल रूप से दर्ज कराने और उनके निपटान की सुविधा देना है। नवंबर 2025 के मध्य तक इस पर 1.35 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए और 1.31 लाख से अधिक मामलों का निपटान हुआ, जबकि 2.81 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हुए।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत त्रि-स्तरीय उपभोक्ता विवाद निवारण संरचना क्या है?
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 में त्रि-स्तरीय अर्ध-न्यायिक संरचना की व्यवस्था है: जिला स्तर पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, राज्य स्तर पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC)।
उपभोक्ता शिकायत निवारण में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) 2.0 की क्या भूमिका है?
AI-सक्षम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 2.0 मुकदमे से पहले की सहायता देकर और शिकायतकर्ताओं को उचित उपभोक्ता आयोगों तक पहुंचाकर हर साल 12 लाख से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का समाधान करती है। यह भारत में तकनीक आधारित उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
भारत में वर्तमान में उपभोक्ता संरक्षण किस कानून के तहत संचालित होता है और इस कानून ने किसकी जगह ली?
भारत में उपभोक्ता संरक्षण वर्तमान में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत संचालित होता है। इसने पूर्ववर्ती उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की जगह ली। 2019 के अधिनियम में ई-कॉमर्स विनियमन, उत्पाद दायित्व और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के प्रावधान शामिल किए गए।
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