प्रकाशित: 15 मार्च 2026द हिन्दूअंतरराष्ट्रीय
WTO का 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन याउंडे में बिना घोषणापत्र के समाप्त
कैमरून की राजधानी याउंडे में आयोजित विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 14वाँ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) बिना किसी अंतिम मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र के समाप्त हो गया — WTO के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। इस विफलता के वैश्विक व्यापार शासन पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
MC14 में दो महत्वपूर्ण अस्थायी व्यवस्थाएँ भी समाप्त हो गईं। 1998 से चली आ रही ई-कॉमर्स पर सीमा शुल्क न लगाने की व्यवस्था नवीनीकृत नहीं हुई; यह व्यवस्था देशों को इलेक्ट्रॉनिक प्रसारणों पर सीमा शुल्क लगाने से रोकती थी। इसी तरह, 1995 से लागू TRIPS गैर-उल्लंघन स्थगन भी समाप्त हो गया, जो गैर-उल्लंघन के आधार पर TRIPS-संबंधी विवाद उठाने से देशों को बचाता था।
भारत ने 129 WTO सदस्य देशों के समर्थन के बावजूद निवेश सुविधा विकास (IFD) समझौते को रोककर परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाई। भारत की आपत्ति WTO ढाँचे में बहुपक्षीय समझौतों के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों की कमी पर केंद्रित थी — यानी ऐसे समझौते, जिन पर सदस्यों का एक उपसमूह बातचीत करे और बाद में सभी सदस्यों की सहमति के बिना उन्हें WTO की नियम-पुस्तिका में शामिल किया जा सके। भारत ने तर्क दिया कि यह तंत्र WTO में सर्वसम्मति से निर्णय लेने के मूल सिद्धांत को कमजोर करता है।
RAS उम्मीदवारों के लिए यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून, भारत की विदेश व्यापार नीति और बहुपक्षीय प्लेटफ़ॉर्मों पर नीतिगत गुंजाइश की वकालत करने वाले विकासशील देश के रूप में भारत की स्थिति के लिए प्रासंगिक है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: याउंडे में 14वाँ विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन बिना घोषणापत्र के समाप्त हुआ। निवेश सुविधा विकास समझौते पर भारत के रुख और बहुपक्षीय व्यापार पर उसके प्रभाव की परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
याउंडे में 14वाँ विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन इतिहास में पहली बार घोषणापत्र के बिना संपन्न हुआ। भारत ने 129 सदस्यों के समर्थन के बावजूद निवेश सुविधा विकास समझौते को अवरुद्ध किया, क्योंकि बहुपक्षीय सौदों के लिए कानूनी सुरक्षा मौजूद नहीं थी। ई-कॉमर्स स्थगन (1998) और ट्रिप्स गैर-उल्लंघन स्थगन (1995) समाप्त हुए, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था के हित संकट में आए।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ई-कॉमर्स पर स्थगन क्या है?
यह WTO का 1998 से लागू एक समझौता था, जो सदस्यों को इलेक्ट्रॉनिक प्रसारणों पर सीमा शुल्क लगाने से रोकता था। यह 2026 में MC14 में समाप्त हो गया।
भारत ने IFD समझौते को क्यों अवरुद्ध किया?
भारत ने बहुपक्षीय समझौतों को कानूनी सुरक्षा न मिलने का हवाला दिया और तर्क दिया कि इससे WTO में सर्वसम्मति से फैसले लेने की प्रक्रिया कमजोर होती है।
MC14 की विफलता का क्या महत्व है?
यह पहला WTO मंत्रिस्तरीय सम्मेलन है जो बिना अंतिम घोषणापत्र के समाप्त हुआ, जो वैश्विक व्यापार शासन में गहरे मतभेदों को दर्शाता है।
TRIPS गैर-उल्लंघन स्थगन क्या है?
यह 1995 से लागू ऐसी सुरक्षा व्यवस्था थी, जो गैर-उल्लंघन आधारों पर TRIPS विवादों को रोकती थी — यह MC14 में समाप्त हो गई।
IFD को कितने देशों का समर्थन था?
129 WTO सदस्य देशों ने निवेश सुविधा विकास समझौते का समर्थन किया, लेकिन भारत की आपत्ति के कारण इसे स्वीकार नहीं किया जा सका।