भारत ने 21 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में विश्व मत्स्य दिवस मनाया। कार्यक्रम की थीम 'भारत का नीला परिवर्तन: समुद्री खाद्य निर्यात में मूल्य संवर्धन को मज़बूत करना' थी। इस अवसर पर मत्स्य पालन और जलकृषि में ट्रेसबिलिटी के लिए राष्ट्रीय ढाँचा तथा समुद्री मत्स्यपालन की मानक संचालन प्रक्रिया (2025) जारी किए गए।

प्रमुख उपलब्धियाँ: मत्स्य उत्पादन 95.79 लाख टन (2013-14) से बढ़कर 197.75 लाख टन (2024-25) हो गया; अक्टूबर 2025 में समुद्री उत्पाद निर्यात 11.08% बढ़कर 90 करोड़ डॉलर रहा; भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक है और जलकृषि उत्पादन में भी दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (₹20,312 करोड़) के तहत यह क्षेत्र 3,477 तटीय मछुआरा गाँवों में 3 करोड़ लोगों की आजीविका को सहारा देता है।