प्रकाशित: 6 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
NITI आयोग और UNICEF ने आकांक्षी जिलों में पोषण सुदृढ़ करने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए
NITI आयोग और UNICEF ने 5 मार्च 2026 को आकांक्षी जिलों में मातृ एवं शिशु पोषण सुदृढ़ करने के लिए आशय पत्र (SoI) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य I4N (पोषण के लिए निवेश) CSR प्लेटफ़ॉर्म से निजी क्षेत्र के संसाधनों को कम सेवा-सुविधा वाले जिलों के पोषण कार्यक्रमों में लगाना है।
यह साझेदारी मातृ पोषण (एनीमिया में कमी), शिशु पोषण (ठिगनापन, दुबलापन, कम वज़न में कमी), और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं — आंगनवाड़ी, ASHA, ANM — की क्षमता निर्माण पर केंद्रित होगी।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) जनवरी 2018 में NITI आयोग के अंतर्गत शुरू हुआ और 28 राज्यों के 112 जिलों को लक्षित करता है। राजस्थान के 5 आकांक्षी जिले हैं: बारां, धौलपुर, जैसलमेर, करौली और सिरोही।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के आकांक्षी जिला कार्यक्रम में पोषण परिणामों को सुदृढ़ करने में नीति आयोग-यूनिसेफ आशय पत्र जैसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका का, राजस्थान के संदर्भ में, परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
5 मार्च 2026 को नीति आयोग एवं यूनिसेफ ने आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए, जो आई4एन सीएसआर प्लेटफ़ॉर्म से 112 आकांक्षी जिलों में मातृ-शिशु पोषण सुदृढ़ करेगा। आंगनवाड़ी, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के ज़रिए यह 35.5 प्रतिशत शिशु बौनेपन से लड़ेगा। राजस्थान के 13 आकांक्षी जिले लाभान्वित होंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NITI आयोग और UNICEF के बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र किस बारे में है?
मार्च 2026 में हस्ताक्षरित यह आशय पत्र भारत के आकांक्षी जिलों में मातृ एवं शिशु पोषण को सुदृढ़ करने के लिए है। यह I4N CSR प्लेटफॉर्म से निजी क्षेत्र के संसाधन जुटाएगा और आंगनवाड़ी, ASHA और ANM की क्षमता बढ़ाएगा।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) क्या है?
जनवरी 2018 में NITI आयोग के अंतर्गत शुरू किया गया ADP 28 राज्यों के 112 पिछड़े जिलों पर केंद्रित है। इसमें मासिक डेल्टा रैंकिंग से प्रगति मापी जाती है। राजस्थान के 13 आकांक्षी जिले हैं।
I4N प्लेटफॉर्म क्या है?
I4N (पोषण के लिए निवेश) एक CSR प्लेटफॉर्म है, जो पोषण से जुड़े विशेष हस्तक्षेपों के लिए निजी क्षेत्र से फंडिंग जुटाता है। यह कॉर्पोरेट निवेश और ज़रूरतमंद जिलों तथा कार्यक्रमों के बीच सेतु का काम करता है।
ASHA, ANM और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कौन हैं?
ASHA: ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में समुदाय के लिए पहली संपर्क स्वास्थ्य कार्यकर्ता; ANM: उप-केंद्र स्तर पर सरकारी कुशल प्रसव सहायक; आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: ICDS की अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता, जो पोषण, पूर्व-स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ देती है।
NFHS-5 के अनुसार भारत के प्रमुख शिशु पोषण संकेतक क्या हैं?
NFHS-5 (2019-21): 5 वर्ष से कम 35.5% बच्चे ठिगने, 19.3% दुबले, 32.1% कम वज़न। राजस्थान का ठिगनापन ~35.6%, राष्ट्रीय औसत के करीब लेकिन आकांक्षी और गैर-आकांक्षी जिलों के बीच उल्लेखनीय अंतर।