भारत और फ्रांस ने फरवरी 2026 में 1992 की दोहरा कराधान परिहार संधि (DTAC) में संशोधन के लिए प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख बदलावों में पूंजीगत लाभ पर कराधान को कंपनी के निवास क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करना और सबसे पसंदीदा राष्ट्र (MFN) खंड हटाना शामिल है।

लाभांश कर दरें: 10%+ शेयरधारिता पर 5% और अन्य मामलों में 15%। सेवा स्थायी प्रतिष्ठान (PE) की अवधारणा शुरू की गई है, जो फ्रांस में कार्यरत भारतीय IT कंपनियों को प्रभावित कर सकती है। इस संशोधन से दोहरे कराधान से जुड़े विवाद कम होंगे।