प्रकाशित: 25 फ़रवरी 2026अर्थव्यवस्था
भारत-फ्रांस कर संधि संशोधित: पूंजीगत लाभ कंपनी के निवास-स्थान के आधार पर; MFN खंड हटाया
भारत और फ्रांस ने फरवरी 2026 में 1992 की दोहरा कराधान परिहार संधि (DTAC) में संशोधन के लिए प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख बदलावों में पूंजीगत लाभ पर कराधान को कंपनी के निवास क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करना और सबसे पसंदीदा राष्ट्र (MFN) खंड हटाना शामिल है।
लाभांश कर दरें: 10%+ शेयरधारिता पर 5% और अन्य मामलों में 15%। सेवा स्थायी प्रतिष्ठान (PE) की अवधारणा शुरू की गई है, जो फ्रांस में कार्यरत भारतीय IT कंपनियों को प्रभावित कर सकती है। इस संशोधन से दोहरे कराधान से जुड़े विवाद कम होंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में भारत और फ्रांस ने 1992 की DTAC में क्या बदलाव किए?
भारत और फ्रांस ने **फरवरी 2026** में **1992 की DTAC** में संशोधन प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख बदलाव: (1) **पूँजीगत लाभ कराधान** कंपनी के निवास क्षेत्राधिकार में; (2) **MFN खंड हटाया**; (3) लाभांश कर: **10%+ शेयरधारिता पर 5%** और अन्य पर **15%**; (4) **सेवा स्थायी प्रतिष्ठान (PE)** अवधारणा।
MFN खंड क्या है और 2026 में इसे भारत-फ्रांस कर संधि से क्यों हटाया गया?
**MFN खंड** के तहत किसी देश को दी गई सबसे अनुकूल कर दर/शर्त MFN दर्जा रखने वाले सभी साझेदार देशों को देनी होती है। **भारत-फ्रांस DTAC संशोधन (फरवरी 2026)** में इसे हटा दिया गया। इसका मतलब है कि अब भारत-फ्रांस कर शर्तें **स्वतंत्र** हैं और अन्य देशों के साथ दी गई अनुकूल शर्तों से जुड़ी नहीं हैं।
भारत-फ्रांस DTAC 2026 संशोधन फ्रांस में काम करने वाली भारतीय IT कंपनियों को कैसे प्रभावित करता है?
**भारत-फ्रांस DTAC 2026 संशोधन** में **सेवा स्थायी प्रतिष्ठान (PE)** की अवधारणा शामिल की गई है, जो **भारतीय IT कंपनियों** को प्रभावित कर सकती है। सेवा PE का मतलब है कि फ्रांस में लंबी अवधि तक सेवाएँ देने वाली भारतीय IT कंपनियों की वहाँ कर योग्य उपस्थिति मानी जा सकती है।
2026 में संशोधित भारत-फ्रांस DTAC के तहत नई लाभांश कर दरें क्या हैं?
**भारत-फ्रांस DTAC संशोधन (फरवरी 2026)** के तहत: **10% या अधिक शेयरधारिता पर 5% लाभांश कर**; **अन्य मामलों में 15% लाभांश कर**। ये संशोधित दरें दोहरे कराधान को रोकने के साथ दोनों देशों के निवेशकों के हितों के बीच संतुलन बनाती हैं।
DTAC क्या है और भारत ने 2026 में फ्रांस के साथ इसे क्यों संशोधित किया?
**DTAC** एक द्विपक्षीय कर संधि है, जो आय पर दो बार कर लगने से बचाती है। भारत-फ्रांस मूल DTAC **1992** में हुई थी। **फरवरी 2026 प्रोटोकॉल** में पूँजीगत लाभ, MFN खंड, सेवा PE और लाभांश दरों से जुड़े प्रावधानों को आधुनिक बनाने के लिए संशोधन किए गए।