प्रकाशित: 12 फ़रवरी 2026विज्ञान-प्रौद्योगिकी
चांदीपुर से अग्नि-3 मध्यम दूरी बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण; 3,000-3,500 किमी रेंज, मैक 15 गति
सामरिक बल कमान ने 6 फरवरी 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अग्नि-3 मध्यम दूरी बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। दो-चरणीय ठोस ईंधन वाली इस मिसाइल ने 3,000-3,500 km रेंज हासिल की।
Agni-3 मैक 15 गति पर 1,500 kg तक पेलोड (पारंपरिक या परमाणु) ले जा सकती है। परीक्षण से परमाणु प्रतिरोध क्षमता के तहत इसकी सटीकता और विश्वसनीयता की पुष्टि हुई। भारत के सामरिक शस्त्रागार में Agni-1 से Agni-5 शामिल हैं। राजस्थान के पोखरण परीक्षण रेंज का सबसिस्टम परीक्षण में उपयोग हुआ है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
फरवरी 2026 में परीक्षण की गई अग्नि-3 मिसाइल की रेंज लगभग कितने किलोमीटर है?
व्याख्या · सही उत्तर Cअग्नि-3 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी अनुमानित रेंज सामान्यतः 3,000-3,500 किमी मानी जाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार 6 फरवरी 2026 को इसका सफल परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया; इसलिए विकल्प C सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में अग्नि-3 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण कब किया गया?
**रणनीतिक बल कमान** ने **6 फरवरी 2026** को **ओडिशा के चांदीपुर स्थित APJ अब्दुल कलाम द्वीप (पूर्व में व्हीलर द्वीप)** परीक्षण केंद्र से **अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)** का सफल परीक्षण किया।
अग्नि-3 मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
**अग्नि-3** दो चरणों वाली, ठोस ईंधन से चलने वाली **IRBM** है: **रेंज 3,000-3,500 किमी**; **गति Mach 15**; **पेलोड 1,500 किग्रा तक** (पारंपरिक या परमाणु); **CEP 40 मीटर**।
APJ अब्दुल कलाम द्वीप क्या है और इसका क्या महत्व है?
**APJ अब्दुल कलाम द्वीप** (पूर्व में व्हीलर द्वीप) **चांदीपुर, ओडिशा** के पास बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के लिए भारत की प्रमुख **एकीकृत परीक्षण रेंज** है, जिसका प्रबंधन **DRDO** करता है। इसका नाम पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल वैज्ञानिक **डॉ. A.P.J. अब्दुल कलाम** के नाम पर रखा गया है।
अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों में क्या अंतर है?
**अग्नि श्रृंखला**: **अग्नि-1** (700 किमी, SRBM); **अग्नि-2** (2,000 किमी, MRBM); **अग्नि-3** (3,000-3,500 किमी, IRBM); **अग्नि-4** (3,500-4,000 किमी, IRBM); **अग्नि-5** (5,000-8,000 किमी, ICBM सक्षम); **अग्नि-P** (1,000-2,000 किमी, सड़क से चलने वाली)।
भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता के लिए अग्नि-3 IRBM का क्या महत्व है?
**अग्नि-3** भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को इस स्तर तक बढ़ाती है कि **पूरे चीन और पाकिस्तान** तक उसकी मारक पहुंच बनती है; यह 3,500 किमी तक के लक्ष्यों तक पहुंचती है। **Mach 15** की गति से इसे रोकना मुश्किल है।