राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को जैसलमेर की ऐतिहासिक गड़ीसर झील के संरक्षण की अपनी योजना पर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया। महारावल गड़सी सिंह ने 14वीं सदी में इस कृत्रिम जलाशय को शुष्क क्षेत्र की पानी की ज़रूरतें पूरी करने के लिए बनवाया था। अब इसके संरक्षण से जुड़ी गंभीर चुनौतियाँ सामने हैं।

अतिक्रमण, शहरी दबाव, गाद जमने और प्रदूषण के कारण झील का जलग्रहण क्षेत्र काफी सिकुड़ गया है और उसका पारिस्थितिक संतुलन खतरे में है। पहले यह जैसलमेर का मुख्य जल स्रोत और वर्षा जल संचयन का प्रमुख साधन थी। सर्दियों में प्रवासी पक्षी यहाँ आश्रय लेते हैं। प्रसिद्ध तिलों की पोल सहित कई घाट, मंदिर और छतरियाँ झील के चारों ओर स्थित हैं। (जहाँगीर से जुड़ा दौलत बाग और शाहजहाँ के शासनकाल में 1637 ईस्वी में बना संगमरमर का मंडप अजमेर की आना सागर बारादरी में हैं, गड़ीसर झील पर नहीं।)