शिक्षा मंत्रालय ने 8 सितंबर 2025 को 'डिजिटल युग में साक्षरता को बढ़ावा' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार भारत की साक्षरता दर 2011 में 74% से बढ़कर 2023-24 में 80.9% हो गई है।

उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में 3 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी और 42 लाख स्वयंसेवक नामांकित हैं। 1.83 करोड़ शिक्षार्थियों ने 90% सफलता दर के साथ बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन दिए। लद्दाख, त्रिपुरा, मिजोरम, गोवा और हिमाचल प्रदेश ने पूर्ण कार्यात्मक साक्षरता हासिल की है। आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार राजस्थान 7 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में 75.8% साक्षरता दर के साथ निचले पायदान वाले राज्यों में शामिल है।