भारत के 2025-26 खरीफ मौसम के लिए सोयाबीन उत्पादन का अनुमान सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 105.36 लाख टन लगाया, जो पिछले खरीफ मौसम के 125.82 लाख टन से लगभग 20.5 लाख टन कम है। सोपा ने अनुमानित गिरावट के कारणों में कम क्षेत्रफल, कम उत्पादकता और प्रतिकूल मौसम को बताया।

फसल को मौसम से काफी नुकसान हुआ। सोपा के अनुसार भारी मानसूनी बारिश, खासकर राजस्थान में, सोयाबीन उत्पादन में तेज गिरावट का बड़ा कारण रही, जबकि कई स्थानों पर पीला मोजेक वायरस ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया। मध्य प्रदेश प्रमुख उत्पादक राज्य बना रहा और वहाँ भी बारिश से नुकसान दर्ज किया गया। सोपा के अनुसार भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का 60% से अधिक आयात करता है, इसलिए सोयाबीन की छोटी फसल खाद्य तेल आयात पर दबाव बनाए रख सकती है।