प्रकाशित: 28 फ़रवरी 2026PIB / DD News / GlobalSecurity.orgराजस्थान
अभ्यास वायुशक्ति-26: IAF ने पोखरण, जैसलमेर में ऐतिहासिक अग्निशक्ति प्रदर्शन किया; राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वदेशी LCH प्रचंड में उड़ान भरी
27 फरवरी 2026 को भारतीय वायुसेना (IAF) ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास वायुशक्ति-26 का आयोजन किया — यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में वायु शक्ति के सबसे महत्वपूर्ण प्रदर्शनों में से एक है। इसमें 130 से अधिक विमानों ने भाग लिया, जिनमें राफेल, Su-30 MKI, मिराज-2000, MiG-29, जगुआर, हॉक, Mi-17, C-130J, C-295, C-17, स्वदेशी ALH ध्रुव और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड शामिल थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, CDS जनरल अनिल चौहान, राजस्थान के राज्यपाल और सेना प्रमुख भी मौजूद थे। एक ऐतिहासिक पहल के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वदेशी LCH प्रचंड में उड़ान भरी। पहली बार अभ्यास वायुशक्ति को एक स्पष्ट ऑपरेशनल कथा के साथ वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति में संचालित किया गया। 'उद्गम से निष्पादन' विषय और 'अचूक, अभेद्य एवं सटीक' मूल मूल्यों के साथ इस अभ्यास में आक्रामक हवाई हमले, वायु रक्षा (आकाश और स्पाइडर प्रणालियों का उपयोग), विशेष बल अभियानों और मानवीय सहायता अभियानों को एक साथ जोड़ा गया। इससे IAF के व्यापक युद्ध सिद्धांत की पुष्टि हुई।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पोखरण में अभ्यास वायुशक्ति-26 के रणनीतिक एवं सैद्धांतिक महत्व का आकलन कीजिए, स्वदेशी प्लेटफॉर्मों पर प्रकाश डालते हुए।
उत्तर (50 शब्द):
27 फरवरी 2026 को भारतीय वायु सेना ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर में अभ्यास वायुशक्ति-26 आयोजित किया; पहले से तैयार संचालनात्मक युद्ध-परिदृश्य वाले पहले अभ्यास में 130 से अधिक विमान शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी एलसीएच प्रचंड में उड़ान भरी; आकाश तथा स्पाइडर वायु-रक्षा प्रणालियां प्रदर्शित हुईं और आत्मनिर्भर भारत युद्ध सिद्धांत पुष्ट हुआ।
6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में भारतीय वायुसेना के अग्निशक्ति प्रदर्शन अभ्यास वायुशक्ति-26 की निर्धारित तिथि क्या थी?
व्याख्या · सही उत्तर Aरक्षा मंत्रालय के कर्टेन-रेजर में बताया गया कि भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में अभ्यास वायुशक्ति-26 के माध्यम से अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगी। इसलिए सही तिथि 27 फरवरी 2026 है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय वायु सेना द्वारा अभ्यास वायुशक्ति-26 कहाँ और कब आयोजित किया गया?
अभ्यास वायुशक्ति-26 भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा 27 फरवरी 2026 को पोखरण, जैसलमेर में आयोजित किया गया। यह IAF का पहला ऐसा युद्धाभ्यास था, जिसे ऑपरेशनल स्क्रिप्ट के आधार पर तैयार किया गया था और जिसमें 130 से अधिक विमानों ने भाग लिया।
अभ्यास वायुशक्ति-26 में कौन से विमानों ने भाग लिया?
वायुशक्ति-26 में राफेल, तेजस Mk-1, Su-30MKI, LCH प्रचंड (लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर) और C-17 ग्लोबमास्टर सहित 130 से अधिक विमानों ने भाग लिया। इस अभ्यास में भारत की बढ़ती स्वदेशी और बहु-भूमिका एयरोस्पेस क्षमताएँ दिखाई गईं।
अभ्यास वायुशक्ति-26 में राष्ट्रपति मुर्मू की भूमिका का क्या महत्व था?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभ्यास वायुशक्ति-26 के दौरान स्वदेशी HAL प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) में उड़ान भरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पोखरण, जैसलमेर में इस अभ्यास में उपस्थित रहे।
अभ्यास वायुशक्ति-26 के दौरान कौन सी वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियाँ प्रदर्शित की गईं?
अभ्यास वायुशक्ति-26 के दौरान आकाश और स्पाइडर वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियाँ प्रदर्शित की गईं। ये प्रणालियाँ आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत भारत की बढ़ती स्वदेशी और अधिग्रहीत वायु रक्षा क्षमताओं को दर्शाती हैं।
भारत के रक्षा इतिहास के संदर्भ में पोखरण का क्या महत्व है?
राजस्थान के जैसलमेर जिले का पोखरण भारत के सभी प्रमुख परमाणु परीक्षणों — स्माइलिंग बुद्धा (1974) और ऑपरेशन शक्ति (1998) — का स्थल रहा है। यह वायुशक्ति जैसे बड़े अभ्यासों के लिए IAF की प्रमुख लाइव-फायर रेंज भी है।