भारत ने 11 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया। यह दिन मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती से जुड़ा है, जो 1947 से 1958 तक भारत के पहले शिक्षा मंत्री रहे। 2025 का विषय "AI और शिक्षा: स्वचालन की दुनिया में मानवीय स्वायत्तता का संरक्षण" था। इसलिए यह अपडेट केवल एक स्मृति-दिवस तक सीमित नहीं है; यह शिक्षा नीति, तकनीक के इस्तेमाल और विद्यार्थियों की स्वतंत्र सोच के बीच संतुलन की बहस को भी सामने लाता है।

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को भारत की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के प्रमुख निर्माताओं में गिना जाता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद जैसे संस्थानों की स्थापना में उनकी भूमिका रही। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के पहले समारोह का उद्घाटन 2008 में राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने किया था। 2025 के आयोजनों में शिक्षण पद्धति में AI को जिम्मेदारी से शामिल करने पर ज़ोर रहा, लेकिन साथ ही आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को बचाए रखने की बात भी केंद्र में रही।

प्रारंभिक परीक्षा में यह दिन, संबंधित व्यक्तित्व और 2025 का विषय सीधे तथ्य-आधारित प्रश्न बनाते हैं। सीधे तथ्य के रूप में 11 नवंबर, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, 1947-1958, 2008 में पहला समारोह और 2025 का विषय पूछा जा सकता है। सामान्य ज्ञान के स्थिर हिस्से से इसका जुड़ाव आधुनिक भारत में शिक्षा संस्थानों के विकास, महत्वपूर्ण व्यक्तित्व और शिक्षा-प्रशासन से बनता है। मुख्य परीक्षा में यह विषय तकनीक और शिक्षा के संबंध, जिम्मेदार AI उपयोग, मानवीय स्वायत्तता, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता जैसे बिंदुओं के ज़रिए पूछा जा सकता है।