प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 26 से 28 दिसंबर 2025 तक पूसा, दिल्ली में आयोजित हुआ। इसका मुख्य विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी था, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल, उच्च शिक्षा और खेल तथा पाठ्येतर गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन विकसित भारत की परिकल्पना के लिए सहकारी संघवाद और केंद्र-राज्य साझेदारी को मजबूत करता है। PIB के अनुसार, विशेष सत्र राज्यों में विनियमन के सरलीकरण, शासन में प्रौद्योगिकी, एग्रीस्टैक, एक राज्य-एक विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी तथा वामपंथी उग्रवाद के बाद की योजनाओं पर भी हुए।
PM मोदी ने दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अध्यक्षता की: केंद्र-राज्य साझेदारी, विकसित भारत 2047 और सहकारी संघवाद पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया, जो 26 से 28 दिसंबर 2025 तक पूसा, दिल्ली में तीन दिवसीय सम्मेलन के रूप में आयोजित हुआ। इसका मुख्य विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी था, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल, उच्च शिक्षा और खेल तथा पाठ्येतर गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री मोदी ने 26 से 28 दिसंबर 2025 तक पूसा, दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
- मुख्य विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी था।
- प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल, उच्च शिक्षा और खेल तथा पाठ्येतर गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया।
- सम्मेलन को सहकारी संघवाद और केंद्र-राज्य साझेदारी मजबूत करने वाले प्लेटफ़ॉर्म के रूप में प्रस्तुत किया गया।
- विशेष सत्र राज्यों में विनियमन को सरल बनाने, शासन में प्रौद्योगिकी, एग्रीस्टैक, पर्यटन, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी तथा वामपंथी उग्रवाद के बाद की योजनाओं पर केंद्रित थे।
- सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्र विशेषज्ञ प्रतिभागियों के रूप में सूचीबद्ध थे।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 भारतीय संघवाद की प्रभावकारिता को ध्यान में रखते हुए, अनुच्छेद 200 और अनुच्छेद 201 के संदर्भ में तमिलनाडु राज्य बनाम तमिलनाडु के राज्यपाल मामले में उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय के विशेष संदर्भ में राज्यपाल की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। — दोनों भारत के सहकारी संघीय ढांचे में केंद्र-राज्य समन्वय की कार्यप्रणाली की जांच करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सहकारी संघवाद को संस्थागत रूप देने और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन (दिसंबर 2025) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
27-28 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसमें 28 राज्यों तथा 8 केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव शामिल हुए। सम्मेलन का एजेंडा पीएम गति शक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, एनईपी 2020 कौशल और विकसित भारत 2047 से तालमेल पर केंद्रित रहा, जिससे सहकारी-प्रतिस्पर्धी संघवाद सुदृढ़ होता है।
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दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित पाँचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के संदर्भ में, 2022 में इस श्रृंखला का पहला सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?
लेख के अनुसार, राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन पहली बार 2022 में धर्मशाला में आयोजित हुआ। इसके बाद इसके संस्करण हर वर्ष आयोजित होते रहे। यह श्रृंखला केंद्र-राज्य सहकारी संघवाद के महत्त्वपूर्ण मंथन-स्थल के रूप में भी देखी जाती है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
5वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हुआ?
5वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन 27-28 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इसमें सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
मुख्य सचिव सम्मेलन में चर्चित विकसित भारत 2047 दृष्टिकोण क्या है?
विकसित भारत 2047 भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की परिकल्पना है। सम्मेलन में राज्य विकास योजनाओं को इस दृष्टिकोण के अनुरूप ढालने और केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर ध्यान दिया गया।
5वें मुख्य सचिव सम्मेलन में जिस सहकारी संघवाद पर जोर दिया गया, वह क्या है?
सहकारी संघवाद का अर्थ राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगी ढाँचे से है। सम्मेलन में केंद्र-राज्य साझेदारी मजबूत करने, व्यापार सुगमता सूचकांकों में सुधार और भूमि अधिग्रहण व कल्याण योजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए इस मॉडल पर जोर दिया गया।
5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन 2025 में किन प्रमुख मुद्दों पर विचार हुआ?
सम्मेलन में केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी, व्यापार सुगमता सूचकांकों में सुधार, राज्य योजनाओं को विकसित भारत 2047 के अनुरूप बनाने और भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढाँचे तथा कल्याण योजनाओं के बेहतर तालमेल में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विचार किया गया।
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