केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 नवंबर 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 25,060 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) को मंजूरी दी। केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित यह प्रमुख पहल बिखरी हुई निर्यात योजनाओं से हटकर एकीकृत, परिणाम-आधारित तंत्र की ओर रणनीतिक बदलाव है।

EPM दो उप-योजनाओं से लागू होगा: निर्यात प्रोत्साहन (MSMEs के लिए ब्याज सब्वेंशन, निर्यात फैक्टरिंग और ऋण गारंटी सहित वित्तीय सहायता) और निर्यात दिशा (निर्यात गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, व्यापार मेले और क्षमता निर्माण सहित गैर-वित्तीय सहायता)।