प्रकाशित: 11 नवंबर 2025PIBअर्थव्यवस्था
कैबिनेट ने 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 नवंबर 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 25,060 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) को मंजूरी दी। केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित यह प्रमुख पहल बिखरी हुई निर्यात योजनाओं से हटकर एकीकृत, परिणाम-आधारित तंत्र की ओर रणनीतिक बदलाव है।
EPM दो उप-योजनाओं से लागू होगा: निर्यात प्रोत्साहन (MSMEs के लिए ब्याज सब्वेंशन, निर्यात फैक्टरिंग और ऋण गारंटी सहित वित्तीय सहायता) और निर्यात दिशा (निर्यात गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, व्यापार मेले और क्षमता निर्माण सहित गैर-वित्तीय सहायता)।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: विश्लेषण कीजिए कि निर्यात प्रोत्साहन मिशन की निर्यात प्रोत्साहन एवं निर्यात दिशा उप-योजनाएं भारत के निर्यात ढांचे को परिणाम-आधारित समर्थन की ओर कैसे ले जाती हैं।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 नवंबर 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 25,060 करोड़ रुपये परिव्यय से निर्यात प्रोत्साहन मिशन को मंजूरी दी। निर्यात प्रोत्साहन सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों को ब्याज अनुदान, निर्यात फैक्टरिंग, ऋण गारंटी देता है; निर्यात दिशा गुणवत्ता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, व्यापार-मेला एवं प्रथम-निर्यातक सहायता देती है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
नवंबर 2025 में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित निर्यात संवर्धन मिशन का कुल परिव्यय क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Aकैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2031 तक ईपीएम को मंजूरी दी। इसके लिए ₹25,060 करोड़, अर्थात 2.83 अरब अमेरिकी डॉलर, का प्रावधान है। यह निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा नामक 2 उप-योजनाओं के ज़रिए लागू होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निर्यात संवर्धन मिशन को कब मंजूरी दी और इसका कुल परिव्यय कितना है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 नवंबर 2025 को निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए इसका कुल परिव्यय 25,060 करोड़ रुपये है।
निर्यात संवर्धन मिशन से कौन सा रणनीतिक बदलाव जुड़ा है?
यह प्रमुख पहल केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित की गई थी। यह बिखरी हुई निर्यात योजनाओं से एकल, परिणाम-आधारित तंत्र की ओर बदलाव दर्शाती है।
निर्यात प्रोत्साहन उप-योजना किस तरह की सहायता देती है?
निर्यात प्रोत्साहन वित्तीय सहायता देती है, जिसमें MSMEs के लिए ब्याज सहायता, निर्यात फैक्टरिंग और ऋण गारंटी शामिल हैं।
निर्यात दिशा किस तरह की सहायता देती है और मिशन किन निर्यातकों पर केंद्रित है?
निर्यात दिशा निर्यात गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, व्यापार मेले और क्षमता निर्माण सहित गैर-वित्तीय सहायता देती है। मिशन खासकर MSMEs, पहली बार निर्यात करने वालों और श्रम-प्रधान क्षेत्रों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर केंद्रित है।