प्रधानमंत्री मोदी ने 14 सितंबर 2025 को असम के गोलाघाट जिले में नुमालीगढ़ रिफाइनरी में भारत की पहली बाँस-आधारित बायो-रिफाइनरी का उद्घाटन किया। ₹7,200 करोड़ का यह संयंत्र NRL, फिनलैंड की Fortum Oyj और Chempolis Oy का संयुक्त उद्यम है।

संयंत्र सालाना 3 लाख टन बाँस का प्रसंस्करण कर 49,000 टन बायोइथेनॉल, 19,000 टन फरफ्यूरल, 11,000 टन एसिटिक एसिड और 144 GWh हरित ऊर्जा का उत्पादन करेगा। बाँस असम के 3,000 किसानों से खरीदा जाएगा, जिससे सालाना ₹200 करोड़ का लेनदेन होगा। PM मोदी ने रिफाइनरी में ₹7,200 करोड़ की पॉलीप्रोपिलीन परियोजना की आधारशिला भी रखी।