संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन की खाद्य और कृषि की स्थिति 2025 रिपोर्ट भूमि क्षरण पर केंद्रित थी। रिपोर्ट के अनुसार, मनुष्य के कारण हुए क्षरण से दुनिया की 20% कृषि भूमि की उत्पादकता घट रही है। उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में वास्तविक उपज संभावित उपज से 70% तक कम है। 1992 से 2015 के बीच दुनिया भर में 6 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती बंद कर दी गई।

भूमि क्षरण से हर वर्ष लगभग 30,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 84% खेत 2 हेक्टेयर से छोटे हैं, लेकिन उनके हिस्से में केवल 12% कृषि भूमि आती है। वहीं, सबसे बड़े 1% खेत 70% से अधिक कृषि भूमि नियंत्रित करते हैं। प्रमुख सिफारिशों में छोटे किसानों के लिए खेत के आकार के अनुसार उपाय करना, कार्बन खेती के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी बढ़ाना और वैश्विक भूमि क्षरण डेटा केंद्र स्थापित करना शामिल है।