भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और सभा को संबोधित किया। समारोह के दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशलिटी कार्यक्रमों के कुल 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता और नैतिक उत्तरदायित्व के साथ मानवता की सेवा का मार्ग है। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्थापना के कुछ ही वर्षों में चिकित्सा शिक्षा, शोध और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के अग्रणी केंद्र के रूप में एम्स नागपुर के उभरने की प्रशंसा की। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान युग स्वास्थ्य क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन का समय है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक सर्जरी, eSanjeevani से टेलीमेडिसिन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों जैसी नई प्रौद्योगिकियों से अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। उन्होंने चिकित्सा समुदाय से आग्रह किया कि इन तकनीकी विकासों का उपयोग भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की असमानता को पाटने के लिए किया जाए। उन्होंने उत्तीर्ण होने वाले चिकित्सकों को विशेष रूप से सावधान किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल सहित कोई भी तकनीकी प्रगति सहानुभूति और नैतिकता पर आधारित रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण का स्थान नहीं ले सकती। राष्ट्रपति ने 2047 तक स्वस्थ और विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वदेशी आयुष प्रणालियों और सामुदायिक पहुँच कार्यक्रमों के महत्त्व पर भी बल दिया। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और एम्स नागपुर के नेतृत्व सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अप्रैल को एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में भाग लिया; 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए
15 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया, जहाँ 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा करुणामय सेवा का मार्ग है, ग्रामीण-शहरी अंतर पाटने के लिए AI और डिजिटल स्वास्थ्य के उपयोग का आग्रह किया और चेताया कि कोई भी तकनीक रोगियों की देखभाल में सहानुभूति और नैतिकता का स्थान नहीं ले सकती।
मुख्य तथ्य
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र में एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
- समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशलिटी कार्यक्रमों के कुल 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक मिले।
- एम्स नागपुर की स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत हुई है, जो भारत में नए एम्स संस्थानों को वित्तपोषित करने वाली केंद्रीय योजना है।
- राष्ट्रपति ने भारतीय स्वास्थ्य सेवा को बदलने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत शोध की भूमिका पर प्रकाश डाला।
- उन्होंने चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे प्रौद्योगिकी का प्रयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य देखभाल असमानता घटाने के लिए करें।
- उन्होंने सचेत किया कि एआई या डिजिटल प्रगति का कोई स्तर रोगी-केंद्रित सहानुभूति और नैतिकता का स्थान नहीं ले सकता।
- महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव इस अवसर पर उपस्थित रहे।
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15 अप्रैल 2026 को एम्स नागपुर का दीक्षांत समारोह हुआ। इसके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह को संबोधित किया और 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ तथा स्वर्ण पदक प्रदान किए। 2. एम्स नागपुर की स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत हुई है। इनमें से सही कथन कौन-सा है या कौन-से हैं?
दोनों कथन सही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 15 अप्रैल 2026 को एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और स्नातक, स्नातकोत्तर तथा सुपर स्पेशलिटी कार्यक्रमों के 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। एम्स नागपुर प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के अंतर्गत स्थापित नए एम्स संस्थानों में से एक है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एम्स नागपुर की स्थापना किस केंद्रीय योजना के अंतर्गत की गई थी?
एम्स नागपुर की स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के अंतर्गत की गई थी, जो भारत में तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए नए एम्स संस्थानों के निर्माण को वित्तपोषित करती है।
15 अप्रैल 2026 को एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में कितने विद्यार्थियों को उपाधियाँ मिलीं?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशलिटी कार्यक्रमों के कुल 210 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए।
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य देखभाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि AI और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएँ शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य अंतर को कम कर सकती हैं, लेकिन साथ ही आगाह किया कि कोई भी तकनीक सहानुभूति और नैतिकता पर आधारित रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण की जगह नहीं ले सकती।
ई-संजीवनी क्या है?
ई-संजीवनी भारत सरकार का राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन प्लेटफ़ॉर्म है, जो दूर बैठे रोगी और चिकित्सक के बीच परामर्श की सुविधा देता है और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का अंग है।
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