टोक्यो में 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (29-30 अगस्त) के बाद, दोनों देशों ने अगले दशक के लिए संयुक्त दृष्टि पर अमल शुरू किया। जापान ने अगले दशक में भारत में 10 लाख करोड़ येन (लगभग 67 अरब डॉलर) निवेश का संकल्प लिया। रोडमैप में आठ प्राथमिकता क्षेत्र शामिल हैं: आर्थिक साझेदारी, सुरक्षा, 5 लाख लोगों के आदान-प्रदान सहित गतिशीलता, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी। दोनों देशों ने NSA-स्तरीय संवाद तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई।
जापान ने संयुक्त दृष्टि के तहत अगले दशक में भारत में 10 लाख करोड़ येन निवेश का संकल्प लिया
जापान ने भारत-जापान संयुक्त दृष्टि के तहत अगले दशक में भारत में 10 लाख करोड़ येन निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य तथ्य
- 15वें India-Japan Annual Summit में जापान ने अगले दशक में भारत में सार्वजनिक और निजी निवेश के लिए 10 लाख करोड़ येन (लगभग USD 6700 करोड़) की प्रतिबद्धता जताई।
- रोडमैप में आठ प्राथमिकता वाले क्षेत्र शामिल हैं: आर्थिक साझेदारी, आर्थिक सुरक्षा, गतिशीलता (5 लाख लोगों का आदान-प्रदान), प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी।
- दोनों देशों ने NSA स्तरीय संवाद तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई।
- प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री Shigeru Ishiba ने Special Strategic and Global Partnership की पुष्टि की।
- शिखर सम्मेलन 29-30 अगस्त को टोक्यो में आयोजित हुआ, जो 2022 में निर्धारित 5 लाख करोड़ येन के पहले लक्ष्य पर आधारित है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: टोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत जापान की 10 खरब येन की संयुक्त निवेश प्रतिबद्धता के रणनीतिक एवं आर्थिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
टोक्यो में 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में जापान ने अगले दशक में 10 खरब येन, लगभग 67 अरब अमेरिकी डॉलर, के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। आठ प्राथमिकता क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा, रक्षा, 5 लाख लोगों का आवागमन एवं क्षेत्रीय संपर्क शामिल हैं, जो विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करते हैं।
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अरुणाचल प्रदेश के किस जिले में नामचिक-नामफुक कोयला खदान स्थित है?
नामचिक-नामफुक कोयला खदान अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में है।
स्रोत: DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जापान ने अगले दशक में भारत में कितना निवेश करने का वादा किया?
**जापान ने 10 लाख करोड़ येन (लगभग USD 70 अरब)** निवेश का वादा किया, जिसमें बुनियादी ढाँचा, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था शामिल हैं।
भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी क्या है?
**भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी** (2014 में उच्चतम स्तर पर उन्नत) में **मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल**, रक्षा सहयोग, ODA निवेश और **DMIC** शामिल हैं।
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना क्या है और इसमें जापान की क्या भूमिका है?
**मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR)** (508 किमी) जापान की **शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) तकनीक** और **JICA** के ~1.10 लाख करोड़ रुपये के 0.1% ब्याज वाले ऋण पर आधारित है।
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) क्या है?
**DMIC** 1,483 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई माल ढुलाई गलियारे के आसपास विकसित किया जा रहा USD 100 अरब का मेगा-औद्योगिक क्षेत्र है, जिसमें 6 राज्यों में 24 विनिर्माण नोड हैं।
JICA क्या है और भारत के विकास में इसकी क्या भूमिका है?
**JICA (जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी)** जापान की द्विपक्षीय सहायता एजेंसी है। भारत JICA से सबसे अधिक सहायता प्राप्त करने वाला देश है; JICA ने दिल्ली मेट्रो, बुलेट ट्रेन और अन्य परियोजनाओं में USD 30+ अरब का निवेश किया है।
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