राजस्थान में बढ़ते वन्यजीव पर्यटन के तहत जयपुर तीन तेंदुआ सफारी उपलब्ध कराने वाला भारत का पहला शहर बन गया। इन तीन तेंदुआ सफारी के अलावा शहर में एक तेंदुआ अभयारण्य, हाथी और शेर सफारी तथा बाघ सफारी भी है।

यह पहल राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का हिस्सा है। नीति में 'एक पर्यटन स्थल अपनाएं' कार्यक्रम शामिल है, जो निजी भागीदारों, स्थानीय समुदायों और पर्यटन हितधारकों को ऐसी टिकाऊ व्यवस्था के तहत विरासत और पर्यावरण-पर्यटन स्थलों के पुनर्स्थापन, प्रबंधन और संचालन के लिए आमंत्रित करता है, जिसका खर्च उससे होने वाली आय से चले। राजस्थान ने 2024-25 में 2.5 करोड़ से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया।