21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2026 का विषय 'बहुभाषी शिक्षा पर युवा आवाज़ें' था, जिसमें भाषाई विविधता की रक्षा में युवाओं की भूमिका रेखांकित की गई। यह तिथि 1952 के बांग्लादेश भाषा आंदोलन की स्मृति से जुड़ी है।

विश्व में सर्वाधिक भाषाओं वाले भारत में 44% बच्चे जिस भाषा में स्कूल आते हैं, वह पढ़ाई की भाषा से अलग होती है। संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 29 (सांस्कृतिक अधिकार), 350A (प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा शिक्षण), 350B (भाषाई अल्पसंख्यक विशेष अधिकारी), आठवीं अनुसूची (22 भाषाएँ)। NEP 2020 कम से कम कक्षा 5 तक मातृभाषा शिक्षण अनिवार्य करता है।