दिसंबर 2025 के मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन ने भारत की 'गुटनिरपेक्षता 2.0 और बहु-संरेखण' वाली विदेश नीति को रेखांकित किया। भारत 2022 से रूस का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल खरीदार है (रूसी कच्चा = 35-40%)। CAATSA (अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिबंध अधिनियम) के तहत अमेरिकी टैरिफ दबाव के बावजूद, भारत ने क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) से अमेरिका के साथ जुड़ाव बनाए रखते हुए रूस से संबंध जारी रखे। T-90 टैंक, Su-30MKI, S-400 ट्रायम्फ और BrahMos मिसाइल (DRDO-रूस NPO सह-विकास) भारत की रूस पर गहरी निर्भरता दर्शाते हैं। PM मोदी ने कीव (अगस्त 2024) और मॉस्को (जुलाई 2024) दोनों का दौरा किया। राजस्थान: पोखरण परमाणु परीक्षण स्थल (1974, 1998) भारत की परमाणु नीति का आधार — जो स्वायत्त विदेश नीति को बल देता है।
भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का प्रदर्शन: अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन ने रूस संबंध संतुलित रखे
दिसंबर 2025 के मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन ने भारत के 'नॉन-अलाइनमेंट 2.0 और बहु-संरेखण' विदेश नीति सिद्धांत को रेखांकित किया। भारत 2022 से रूस का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल खरीदार है (रूसी कच्चा = 35-40%)। CAATSA (अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिबंध अधिनियम) के तहत अमेरिकी टैरिफ दबाव के बावजूद, भारत ने क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) से अमेरिका के साथ जुड़ाव बनाए रखते हुए रूस से संबंध जारी रखे। T-90 टैंक, Su-30MKI, S-400 ट्रायम्फ और BrahMos मिसाइल (DRDO-रूस NPO द्वारा मिलकर विकसित) भारत की रूस पर गहरी निर्भरता दर्शाते हैं। PM मोदी ने कीव (अगस्त 2024) और मॉस्को (जुलाई 2024) दोनों का दौरा किया। राजस्थान: पोखरण परमाणु परीक्षण स्थल (1974, 1998) भारत की परमाणु नीति का आधार — जो स्वायत्त विदेश नीति को बल देता है।
मुख्य तथ्य
- दिसंबर 2025 के मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन ने भारत के गुटनिरपेक्षता 2.0 विदेश नीति सिद्धांत को रेखांकित किया।
- रूस भारत के कच्चे तेल आयात के 35-40% की आपूर्ति करता है, जिससे भारत दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है।
- भारत ने CAATSA प्रतिबंधों की धमकियों सहित अमेरिकी दबाव के बावजूद रूस से संबंध बनाए रखे।
- रक्षा क्षेत्र में रूस पर भारत की निर्भरता में T-90 टैंक, Su-30MKI, S-400 और ब्रह्मोस मिसाइल शामिल हैं।
- PM मोदी ने 2024 में कीव और मॉस्को दोनों का दौरा कर भारत को शांति मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया।
- भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी 2010 में स्थापित हुई।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
विदेश नीति में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता किस सिद्धांत से संबंधित है?
रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ है कि भारत किसी स्थायी शक्ति-गुट से बंधे बिना अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर स्वतंत्र निर्णय लेना चाहता है। शीत युद्ध के दौर में यह सोच गुटनिरपेक्षता के रूप में दिखी, जबकि आज यह बहु-संरेखण के रूप में दिखती है, जहां भारत अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग देशों के साथ काम करता है लेकिन अपना निर्णय-क्षेत्र बनाए रखता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिसंबर 2025 के मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन ने भारत की किस विदेश नीति अवधारणा को रेखांकित किया?
शिखर सम्मेलन ने भारत की 'नॉन-अलाइनमेंट 2.0' (बहु-संरेखण) नीति को रेखांकित किया, जिसके तहत भारत किसी एक गठबंधन में शामिल हुए बिना एक साथ कई प्रमुख शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखता है।
भारत के कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी कितनी है और भारत किस स्थान पर है?
भारत के कच्चे तेल आयात का 35–40% रूस से आता है, इसलिए 2022 से भारत रूस के कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।
CAATSA क्या है और इसका भारत-रूस रक्षा संबंधों से क्या संबंध है?
CAATSA (अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिबंध अधिनियम) एक अमेरिकी कानून है, जिसके तहत रूसी रक्षा उपकरण खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाए जाने की चेतावनी दी जाती है। इस दबाव के बावजूद भारत ने S-400 ट्रायम्फ सहित रूसी रक्षा प्रणालियाँ खरीदना जारी रखा।
भारत के रक्षा शस्त्रागार में शामिल चार प्रमुख रूसी प्लेटफ़ॉर्मों के नाम बताइए।
भारत के रक्षा शस्त्रागार में T-90 टैंक, Su-30 MKI बहु-भूमिका लड़ाकू विमान, S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली और DRDO व रूस के NPO मशिनोस्ट्रोयेनिया द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल हैं।
भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी कब स्थापित हुई?
भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी 2010 में स्थापित हुई। PM मोदी की 2024 में कीव और मॉस्को दोनों की यात्राओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारत को संभावित शांति मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें