केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के निर्यात संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक विकास मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 13 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में व्यापार एवं निवेश पर 7वीं भारत-कनाडा मंत्रिस्तरीय वार्ता (MDTI) की सह-अध्यक्षता की। यह बैठक द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को फिर से गति देने और आगे की रणनीति तय करने के नए चरण का प्रतीक थी। यह 13 अक्टूबर 2025 के संयुक्त वक्तव्य "एक मज़बूत साझेदारी की ओर गति का नवीनीकरण" के अनुरूप भी थी, जिसमें व्यापार को द्विपक्षीय आर्थिक विकास एवं लचीलेपन की आधारशिला बताया गया था। मंत्रियों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक विविधता और बढ़ती आर्थिक पूरकता पर आधारित भारत-कनाडा संबंधों की पुष्टि की। उन्होंने कनाडा में लगभग 29 लाख के जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्रों की भूमिका को समझ, नवाचार और आर्थिक सहयोग के सेतु के रूप में रेखांकित किया। 2024 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार 23.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। चर्चा में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने और पोषण सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग तथा निवेश सुविधा जैसे प्राथमिकता क्षेत्रों में क्षेत्रवार सहयोग आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। मंत्रियों ने व्यापार नीति में हाल के बदलावों की समीक्षा की और बाज़ार पहुँच, नियामकीय तालमेल तथा दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा और एयरोस्पेस में पूरकता की पहचान की और एयरोस्पेस एवं दोहरे उपयोग वाली क्षमताओं में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। मंत्रियों ने कृषि सहित विविध और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया और 2026 की शुरुआत में व्यापारिक समुदाय के साथ आगे चर्चा आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
भारत और कनाडा ने नई दिल्ली में व्यापार एवं निवेश पर 7वीं मंत्रिस्तरीय वार्ता आयोजित की; गोयल और सिद्धू ने द्विपक्षीय भागीदारी को पुनर्जीवित किया
13 नवंबर 2025 को भारत के पीयूष गोयल और कनाडा के मनिंदर सिद्धू ने नई दिल्ली में व्यापार एवं निवेश पर 7वीं भारत-कनाडा मंत्रिस्तरीय वार्ता की सह-अध्यक्षता की; इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली और महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। 2024 में द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार 23.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
मुख्य तथ्य
- पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू ने 13 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में व्यापार एवं निवेश पर 7वीं भारत-कनाडा मंत्रिस्तरीय वार्ता (MDTI) की सह-अध्यक्षता की
- वार्ता 13 अक्टूबर 2025 के संयुक्त वक्तव्य 'एक मज़बूत साझेदारी की ओर गति का नवीनीकरण' के अनुरूप थी
- 2024 में द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार 23.66 अरब अमेरिकी डॉलर; कनाडा में भारतीय प्रवासी 29 लाख, 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्र
- प्राथमिकता क्षेत्र: पोषण सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, निवेश को सुगम बनाना, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस
- मंत्री एयरोस्पेस और दोहरे उपयोग वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा 2026 की शुरुआत में व्यावसायिक समुदाय की चर्चा आयोजित करने पर सहमत हुए
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नई दिल्ली में 13 नवंबर 2025 को आयोजित 7वीं भारत-कनाडा व्यापार एवं निवेश मंत्रिस्तरीय वार्ता के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को पुनर्जीवित करने तथा महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं के विविधीकरण के लिए महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नई दिल्ली में 13 नवंबर 2025 को पीयूष गोयल एवं मनिंदर सिद्धू की सह-अध्यक्षता में 7वीं एमडीटीआई ने अक्टूबर 2025 संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप संबंधों को फिर सक्रिय किया। 18.38 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ मंत्रियों ने महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस, दोहरे-उपयोग एवं आपूर्ति-शृंखला सहयोग 29 लाख प्रवासियों के जुड़ाव से बढ़ाया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 नवंबर 2025 को व्यापार एवं निवेश पर 7वीं भारत-कनाडा मंत्रिस्तरीय वार्ता की सह-अध्यक्षता किसने की?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के निर्यात संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक विकास मंत्री मनिंदर सिद्धू ने नई दिल्ली में हुई वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता की।
2023 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार कितना था?
संयुक्त वार्ता में बताया गया कि 2024 में भारत-कनाडा के बीच द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार 23.66 अरब अमेरिकी डॉलर था।
सहयोग के लिए कौन-से प्राथमिकता क्षेत्र चिह्नित किए गए थे?
प्राथमिकता क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, निवेश सुविधा, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस और दोहरे उपयोग वाली क्षमताएँ शामिल थीं।
7वीं MDTI का आधार किस पूर्व संयुक्त वक्तव्य ने दिया?
13 अक्टूबर 2025 के संयुक्त वक्तव्य 'एक मज़बूत साझेदारी की ओर गति का नवीनीकरण' ने व्यापार को द्विपक्षीय आर्थिक विकास एवं लचीलेपन की आधारशिला बताया।
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