केंद्रीय बजट 2026-27 में बजट 2025 में लागू की गई आयकर स्लैब व्यवस्था बिना किसी बदलाव के जारी रखी गई। नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय कर-मुक्त है। ₹75,000 की मानक कटौती के कारण वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह सीमा ₹12.75 लाख है। स्लैब इस प्रकार हैं: 0-4 लाख पर कोई कर नहीं, 4-8 लाख पर 5%, 8-12 लाख पर 10%, 12-16 लाख पर 15%, 16-20 लाख पर 20%, 20-24 लाख पर 25% और 24 लाख से अधिक पर 30%।

बजट की एक प्रमुख घोषणा यह थी कि छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने वाला नया आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। नए अधिनियम में धाराओं की संख्या लगभग आधी कर दी गई है। संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख निर्धारण वर्ष की 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है और इसे अंतिम कर बनाया गया है। विदेश यात्राओं तथा उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े प्रेषणों पर स्रोत पर कर-संग्रह (TCS) की दर घटाकर एकसमान 2% कर दी गई है; LRS के अन्य उद्देश्यों पर यह दर 20% रहेगी।