पंजाब एंड सिंध बैंक को गुजरात के गांधीनगर में गिफ्ट सिटी के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र, यानी आईएफएससी, में शाखा खोलने के लिए RBI की मंजूरी मिली है। यह खबर बैंकिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े समसामयिकी विषय के लिए अहम है, क्योंकि इससे बैंक की विदेशी मुद्रा ऋण और व्यापार वित्त से जुड़ी क्षमता मजबूत होगी। परीक्षा की दृष्टि से इसे केवल बैंक की एक नई शाखा के रूप में नहीं, बल्कि भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा ढांचे से जोड़कर पढ़ना चाहिए।

गिफ्ट सिटी भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है और गांधीनगर, गुजरात में स्थित है। यह वित्तीय और तकनीकी सेवाओं का ऐसा केंद्र है जहां बैंकिंग, पूंजी बाजार, बीमा, फंड प्रबंधन और दूसरे वित्तीय क्षेत्र से जुड़े काम एक विशेष नियामकीय ढांचे में होते हैं। आईएफएससी में वित्तीय उत्पादों, सेवाओं और संस्थानों के विकास तथा नियमन के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण एकीकृत नियामक के रूप में काम करता है। इसलिए यहां किसी भारतीय बैंक की मौजूदगी भारत की वैश्विक वित्तीय सेवाओं में भागीदारी से जुड़ी मानी जाती है।

पंजाब एंड सिंध बैंक की प्रस्तावित शाखा से विदेशी मुद्रा में ऋण देने और व्यापार वित्त सेवाओं का विस्तार होगा। प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न बैंक, नियामक, स्थान, आईएफएससी और उद्देश्य पर आ सकता है। मुख्य परीक्षा में यह मुद्दा व्यापार वित्त, बैंकिंग विस्तार, नियामकीय ढांचे और भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा ढांचे से जोड़ा जा सकता है। स्टैटिक जीके के लिए गिफ्ट सिटी-गांधीनगर-गुजरात, RBI की बैंकिंग भूमिका और आईएफएससी प्राधिकरण की नियामकीय भूमिका को साथ में याद रखना उपयोगी रहेगा।