नवंबर 2025 में जारी RBI आंकड़ों से पता चला कि भारतीय घरेलू वित्तीय देनदारियाँ 2019-20 से 102% बढ़कर ₹7.5 लाख करोड़ से ₹15.7 लाख करोड़ हो गईं, जबकि वित्तीय संपत्तियाँ केवल 48% बढ़कर ₹24.1 लाख करोड़ से ₹35.6 लाख करोड़ हुईं।

GDP में वित्तीय संपत्तियों का हिस्सा 12% से घटकर 10.8% रह गया, जबकि देनदारियों का हिस्सा 3.9% से 4.7% बढ़ा। म्यूचुअल फंड और बाज़ार साधनों में विविधीकरण बढ़ रहा है। ये आंकड़े घरेलू बचत में कमी, उपभोक्ता ऋण जोखिम में वृद्धि और व्यापक आर्थिक स्थिरता पर प्रभाव का संकेत देते हैं।