प्रकाशित: 11 जनवरी 2026बिज़नेस स्टैंडर्डअर्थव्यवस्था
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹18.38 लाख करोड़ के पार; वित्त वर्ष 2025-26 में 8.82% वृद्धि
Aसीधा उत्तर
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹18.38 लाख करोड़ रहा, जो 8.82% की वृद्धि है; गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह कॉर्पोरेट कर संग्रह से अधिक रहा।
मुख्य तथ्य
11 जनवरी 2026 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82% बढ़कर ₹18.38 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में ₹16.89 लाख करोड़ था
शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह बढ़कर ₹8.63 लाख करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह बढ़कर ₹9.30 लाख करोड़ हो गया
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.14% बढ़कर ₹21.50 लाख करोड़ रहा; रिफंड 16.92% घटकर ₹3.12 लाख करोड़ रह गए
प्रतिभूति लेनदेन कर संग्रह ₹44,867 करोड़ रहा
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में 12.7% वृद्धि का अनुमान लगाया है
व्यक्तिगत आयकर के मज़बूत संग्रह से अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण और आय में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है
आयकर विभाग के अनुसार, 11 जनवरी 2026 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82% बढ़कर ₹18.38 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में ₹16.89 लाख करोड़ था। शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह बढ़कर ₹8.63 लाख करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह बढ़कर ₹9.30 लाख करोड़ हो गया।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.14% बढ़कर ₹21.50 लाख करोड़ रहा। जारी किए गए रिफंड 16.92% घटकर ₹3.12 लाख करोड़ रह गए, जिससे शुद्ध संग्रह बढ़ा। प्रतिभूति लेनदेन कर संग्रह ₹44,867 करोड़ रहा। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में 12.7% वृद्धि का अनुमान लगाया है। व्यक्तिगत आयकर के मज़बूत संग्रह से अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण और आय में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह के ₹18.38 लाख करोड़ पार करने और गैर-कॉर्पोरेट करों की बढ़ती हिस्सेदारी के निहितार्थों पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द): 11 जनवरी 2026 तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि के ₹16.89 लाख करोड़ से 8.82% बढ़कर ₹18.38 लाख करोड़ हो गया। ₹9.30 लाख करोड़ का गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹8.63 लाख करोड़ के कॉर्पोरेट कर संग्रह से आगे रहा। रिफंड 16.92% घटकर ₹3.12 लाख करोड़ रहे; वित्त वर्ष 2025-26 का वृद्धि लक्ष्य 12.7% रहा।
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11 जनवरी 2026 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह कितने प्रतिशत बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया?
व्याख्या · सही उत्तर B
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह FY25 की समान अवधि के 16.89 लाख करोड़ रुपये से 8.82% बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। शुद्ध कॉर्पोरेट कर 8.63 लाख करोड़ और गैर-कॉर्पोरेट कर 9.30 लाख करोड़ रुपये रहा।
11 जनवरी 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह कितना बढ़ा?
11 जनवरी 2026 तक भारत का **शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82%** बढ़कर **₹18.38 लाख करोड़ से अधिक** हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में ₹16.89 लाख करोड़ था। **शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹8.63 लाख करोड़** रहा, जबकि **शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹9.30 लाख करोड़** रहा। **सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.14% बढ़कर ₹21.50 लाख करोड़** रहा। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में **12.7% वृद्धि** का अनुमान लगाया है।
जनवरी 2026 तक भारत में शुद्ध कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट प्रत्यक्ष कर संग्रह का विवरण क्या है?
11 जनवरी 2026 तक **शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹8.63 लाख करोड़** रहा और **शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹9.30 लाख करोड़** रहा। कुल **शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹18.38 लाख करोड़** रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि से **8.82% अधिक** है। **सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.14% बढ़कर ₹21.50 लाख करोड़** रहा। **रिफंड 16.92% घटकर ₹3.12 लाख करोड़** रह गए और **प्रतिभूति लेनदेन कर संग्रह ₹44,867 करोड़** रहा। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **12.7% वृद्धि** का लक्ष्य रखा गया था।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 8.82% की वृद्धि अर्थव्यवस्था के बारे में क्या संकेत देती है?
11 जनवरी 2026 तक **शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82% बढ़कर ₹18.38 लाख करोड़** हो गया। इससे **अर्थव्यवस्था के बढ़ते औपचारिकीकरण** और **आय में बढ़ोतरी** का संकेत मिलता है। यह खास तौर पर **₹9.30 लाख करोड़ के मज़बूत व्यक्तिगत आयकर संग्रह** में दिखाई देता है। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **12.7% वृद्धि** का अनुमान लगाया है। **रिफंड 16.92% घटे**, जिससे शुद्ध संग्रह बढ़ा। यह रुझान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के **सकल घरेलू उत्पाद में 7.4% वृद्धि** के अनुमान के अनुरूप है।
प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) क्या है और वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी 2026 तक इसका कितना संग्रह हुआ?
**प्रतिभूति लेनदेन कर (STT)** भारत में **शेयर बाज़ार में होने वाले लेनदेन** पर लगाया जाता है। 11 जनवरी 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 में इसका संग्रह **₹44,867 करोड़** रहा। **सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.14% बढ़कर ₹21.50 लाख करोड़** रहा। इसमें से **₹3.12 लाख करोड़ के रिफंड** जारी किए गए, जो **16.92% कम** थे। इसके बाद शुद्ध संग्रह **₹18.38 लाख करोड़** रहा, जो **8.82% अधिक** है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में **12.7% वृद्धि** का लक्ष्य रखा गया था।
वित्त वर्ष 2025-26 में रिफंड कितना घटा और इसका शुद्ध कर संग्रह पर क्या असर पड़ा?
11 जनवरी 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 में **रिफंड 16.92% घटकर ₹3.12 लाख करोड़** रह गए। कम रिफंड के कारण **शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹18.38 लाख करोड़** रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि से **8.82% अधिक** है, जबकि **सकल संग्रह ₹21.50 लाख करोड़** था। **शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह ₹8.63 लाख करोड़** और **व्यक्तिगत आयकर संग्रह ₹9.30 लाख करोड़** रहा। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह में **12.7% वृद्धि** का अनुमान लगाया है।
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