पश्चिम बंगाल में दो स्वास्थ्यकर्मियों में निपाह वायरस की पुष्टि
Aसीधा उत्तर
पश्चिम बंगाल में दो नर्सों में NiV की पुष्टि हुई; 190+ संपर्कों की रिपोर्ट नेगेटिव आई; WHO ने वैश्विक जोखिम कम बताया।
मुख्य तथ्य
बारासात, उत्तर 24 परगना में एक निजी अस्पताल की दो 25 वर्षीय नर्सें 13 जनवरी 2026 को निपाह वायरस से संक्रमित पाई गईं।
पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान ने पुष्टि की; कल्याणी स्थित विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला ने 11 जनवरी को पहली बार मामलों का पता लगाया।
190 से अधिक संपर्कों की जांच की गई — सभी नकारात्मक; पुणे NIV ने मोबाइल BSL-3 प्रयोगशाला तैनात की।
NiV में मृत्यु दर 40-75% है और इसका कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट एंटीवायरल नहीं है।
फल चमगादड़ (Pteropus प्रजाति) निपाह वायरस के प्राथमिक जलाशय हैं।
WHO ने वैश्विक जोखिम को कम आंका।
बारासात, उत्तर 24 परगना के एक निजी अस्पताल में दो 25 वर्षीय नर्सों में 13 जनवरी 2026 को पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान ने निपाह वायरस (NiV) की पुष्टि की। दिसंबर 2025 के अंत में उनमें लक्षण दिखने शुरू हुए थे, जो बाद में तंत्रिका संबंधी जटिलताओं तक पहुंच गए। कल्याणी की वायरल अनुसंधान प्रयोगशाला ने 11 जनवरी को मामले पहचाने।
21 जनवरी तक पुरुष नर्स की हालत सुधर रही थी, जबकि महिला नर्स गंभीर बनी हुई थीं। 190 से अधिक संपर्कों की जांच हुई — सभी नेगेटिव। NIV पुणे ने मोबाइल BSL-3 प्रयोगशाला तैनात की। WHO ने वैश्विक जोखिम कम आंका। NiV की मृत्यु दर 40-75% है, इसका कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट एंटीवायरल नहीं है। फल चमगादड़ (Pteropus प्रजाति) प्राथमिक स्रोत हैं।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2018 (a) संचारी रोगों के क्या कारण हैं?
(b) निम्नलिखित रोगों को संचारी और असंचारी रोगों में वर्गीकृत कीजिए:
(i) अल्जाइमर
(ii) ट्रैकोमा
(iii) हैजा
(iv) दमा
(v) रेबीज — संचारी बनाम गैर-संचारी रोग वर्गीकरण — निपाह एक अधिसूचनीय ज़ूनोटिक रोग है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जनवरी 2026 के पश्चिम बंगाल निपाह वायरस समूह पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया एवं भारत की पशुजन्य प्रकोप तैयारी की समीक्षा करें।
उत्तर (50 शब्द): बारासात की दो नर्सें 13 जनवरी 2026 को एनआईवी पुणे द्वारा निपाह संक्रमित पाई गईं। चलती बीएसएल-3 प्रयोगशाला ने 190 से अधिक संपर्कों की जांच की, सभी नकारात्मक रहे; डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक जोखिम कम बताया। 40-75% मृत्यु दर, टीके के अभाव एवं चमगादड़ों में वायरस का भंडार होने के कारण त्वरित निगरानी, पृथक्करण एवं वन-हेल्थ समन्वय की आवश्यकता रेखांकित हुई।
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जनवरी 2026 में भारत में निपाह वायरस मामलों की पुष्टि कहां हुई और प्रभावित व्यक्ति कौन थे?
**निपाह वायरस (NiV)** की पुष्टि **13 जनवरी 2026** को **पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV)** द्वारा **पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के एक निजी अस्पताल में दो 25 वर्षीय नर्सों** में हुई। दिसंबर 2025 के अंत में उनमें लक्षण दिखाई दिए, जो आगे चलकर तंत्रिका संबंधी जटिलताओं में बदल गए।
निपाह वायरस की मृत्यु दर कितनी है और इसका मुख्य पशु स्रोत क्या है?
**निपाह वायरस (NiV)** की **मृत्यु दर 40-75%** है, और इसका **कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट एंटीवायरल उपचार नहीं** है। **मुख्य स्रोत** **फल चमगादड़ (Pteropus प्रजाति)** हैं। जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल में **190 से अधिक संपर्कों की जांच हुई — सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई** और **WHO ने वैश्विक जोखिम कम** आंका।
जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की पुष्टि के बाद कितने संपर्कों की जांच की गई?
**13 जनवरी 2026** को **बारासात, पश्चिम बंगाल** में निपाह वायरस की पुष्टि के बाद **190 से अधिक संपर्कों की जांच हुई — सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई**। **NIV पुणे ने मोबाइल BSL-3 प्रयोगशाला तैनात** की। **WHO ने वैश्विक जोखिम कम आंका**। 21 जनवरी तक पुरुष नर्स स्वस्थ हो रहे थे जबकि महिला नर्स गंभीर बनी रहीं।
जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस मामलों की सबसे पहले पहचान किस प्रयोगशाला ने की?
**कल्याणी की वायरल अनुसंधान प्रयोगशाला** ने **11 जनवरी 2026** को निपाह वायरस मामलों की सबसे पहले पहचान की, और **13 जनवरी 2026** को **NIV पुणे** ने इसकी पुष्टि की। मरीज **उत्तर 24 परगना के बारासात के निजी अस्पताल** की दो नर्सें थीं। NIV पुणे ने **मोबाइल BSL-3 प्रयोगशाला** भी तैनात की।
जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्यकर्मियों में निपाह वायरस मामलों का क्या महत्व है?
**बारासात, उत्तर 24 परगना (13 जनवरी 2026)** में दो नर्सों में **निपाह वायरस (NiV) की पहचान** से सार्वजनिक स्वास्थ्य की चिंता बढ़ी, क्योंकि NiV की **40-75% मृत्यु दर** है और इसका **कोई टीका नहीं** है। हालांकि **190 से अधिक संपर्क नेगेटिव** रहे, NIV पुणे की **मोबाइल BSL-3 प्रयोगशाला** और **WHO का कम वैश्विक जोखिम** आकलन प्रभावी नियंत्रण दिखाता है। **फल चमगादड़ (Pteropus)** इसके प्राथमिक स्रोत हैं।
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