प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ और पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की घोषणा की। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारत में सामान्य से 48% अधिक वर्षा हुई।

बाढ़ से पंजाब के कृषि जिलों में धान, कपास और दलहन सहित खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। बचाव कार्यों के लिए NDRF और सेना की टीमें तैनात की गईं।