गणतंत्र दिवस 2026, 26 जनवरी को, भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएँ राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में रहीं। गूगल ने इस अवसर पर एक विशेष डूडल से ISRO के ऐतिहासिक मिशनों — चंद्रयान-3, आदित्य-L1 और आगामी गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम — को सम्मानित किया। विज्ञान प्रसार और ISRO ने संयुक्त रूप से गणतंत्र दिवस संस्करण जारी किया, जिसमें INSAT से मानव अंतरिक्ष उड़ान तक भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान की यात्रा को प्रस्तुत किया गया।

भारत का पहला चालक-दल वाला कक्षीय मिशन गगनयान लगातार प्रगति पर है। ISRO ने अपने प्रणोदन, क्रू मॉड्यूल और जीवन समर्थन प्रणालियों में 8,000 से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे किए हैं। पहली मानवरहित उड़ान परीक्षण (G1) 2026 के लिए निर्धारित है, जबकि पहला मानवयुक्त मिशन 2027-28 में लक्षित है। चार भारतीय वायुसेना (IAF) पायलटों — ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला — को गगनयान अंतरिक्षयात्री चुना गया है।

गणतंत्र दिवस पर चंद्रयान-3 भी चर्चा में रहा, जिसने अगस्त 2023 में भारत को चंद्रमा पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बनाया। प्रज्ञान रोवर ने चंद्र मिट्टी में सल्फर, ऑक्सीजन और अन्य तत्वों की उपस्थिति की पुष्टि की। सितंबर 2023 में प्रक्षेपित आदित्य-L1 जनवरी 2024 में सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज पॉइंट 1 (L1) पर पहुंचा। गगनयान कार्यक्रम 20,193 करोड़ रुपये के संशोधित बजट प्रावधान के साथ 400 किमी की निम्न पृथ्वी कक्षा में तीन दिनों के मिशन के बाद बंगाल की खाड़ी में स्पलैश-डाउन का लक्ष्य रखता है।