भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को पांच वर्षीय MFN दर्जे के साथ अंतिम रूप दिया गया
Aसीधा उत्तर
भारत-EU FTA को 5 वर्षीय MFN दर्जे के साथ अंतिम रूप दिया गया; 96.6% वस्तुएँ शामिल; दोनों पक्षों द्वारा अनुसमर्थन शेष।
मुख्य तथ्य
भारत और यूरोपीय संघ ने अपने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया, जो पहली बार 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ था।
दोनों पक्ष प्रारंभिक 5 वर्षों के लिए एक-दूसरे को सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) का दर्जा देंगे।
समझौते में 96.6% से अधिक व्यापारित वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम करने का प्रावधान है।
यदि कोई पक्ष किसी तीसरे देश को अधिक अनुकूल व्यापारिक शर्तें देता है, तो उसे वही शर्तें दूसरे पक्ष को भी देनी होंगी।
समझौते को लागू होने से पहले कानूनी समीक्षा, यूरोपीय संघ परिषद की स्वीकृति, यूरोपीय संसद की सहमति और भारत के अनुसमर्थन की ज़रूरत है; विश्व आर्थिक मंच ने इसे 'सभी समझौतों की जननी' कहा।
भारत और यूरोपीय संघ ने अपने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया। यह समझौता पहली बार 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ था और इसके प्रमुख विवरण मार्च की शुरुआत में सामने आए। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत दोनों पक्षों ने प्रारंभिक 5 वर्षों के लिए एक-दूसरे को सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) का दर्जा देने पर सहमति जताई। समझौते में 96.6% से अधिक व्यापारित वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम करने का प्रावधान है।
सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि यदि कोई पक्ष किसी तीसरे देश को अधिक अनुकूल व्यापारिक शर्तें देता है, तो उसे वही शर्तें दूसरे पक्ष को भी देनी होंगी। समझौते को लागू होने से पहले कानूनी समीक्षा, यूरोपीय संघ परिषद की स्वीकृति, यूरोपीय संसद की सहमति और भारत के अनुसमर्थन की ज़रूरत है। विश्व आर्थिक मंच ने इसे 'सभी समझौतों की जननी' कहा।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2018 भारत-EU संबंधों पर ब्रेग्जिट के प्रभाव की विवेचना कीजिए। — Brexit के बाद भारत-EU संबंधों को 2026 FTA सीधे आगे बढ़ाता है, जो पाँच-वर्षीय MFN दर्जे के साथ 96.6% वस्तुओं को कवर करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जनवरी 2026 में पांच-वर्षीय अधिमान्य राष्ट्र दर्जे के साथ अंतिम रूप दिए गए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के रणनीतिक एवं आर्थिक महत्व की परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत एवं यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को मुक्त व्यापार समझौता अंतिम रूप दिया, जो पांच वर्षों तक परस्पर अधिमान्य राष्ट्र दर्जा देता है तथा व्यापारित वस्तुओं के छियानबे दशमलव छह प्रतिशत से अधिक को शामिल करता है। समझौता यूरोपीय परिषद् अंगीकरण, संसद सहमति एवं भारतीय अनुसमर्थन की प्रतीक्षा में है; विश्व आर्थिक मंच ने इसे ऐतिहासिक कहा।
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2025-26 के दौरान भारत के प्रमुख मुक्त व्यापार या व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौतों से सही रूप से जुड़े साझेदार कौन-से हैं?
व्याख्या · सही उत्तर B
भारत ने जुलाई 2025 में ब्रिटेन के साथ CETA और दिसंबर 2025 में ओमान के साथ CEPA पर हस्ताक्षर किए। भारत और न्यूजीलैंड ने दिसंबर 2025 में वार्ता पूरी की और 27 अप्रैल 2026 को FTA पर हस्ताक्षर किए। इसलिए दिए गए विकल्पों में ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड सही समूह है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को कब अंतिम रूप दिया गया और सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र दर्जे का क्या अर्थ है?
**भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते** को **27 जनवरी 2026** को अंतिम रूप दिया गया और इसके प्रमुख विवरण मार्च की शुरुआत में सामने आए। समझौते के तहत दोनों पक्ष प्रारंभिक **5 वर्षों** के लिए एक-दूसरे को **सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) का दर्जा** देंगे। इसका अर्थ है कि किसी तीसरे देश को अधिक अनुकूल व्यापारिक शर्तें देने पर वही शर्तें दूसरे पक्ष को भी देनी होंगी।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में कितने प्रतिशत व्यापारित वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम किया जाएगा?
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में **96.6% से अधिक व्यापारित वस्तुओं** पर शुल्क समाप्त या कम करने का प्रावधान है। इस कारण यह भारत के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक है। विश्व आर्थिक मंच ने इसे **'सभी समझौतों की जननी'** कहा।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र प्रावधान क्या है?
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में **सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) प्रावधान** यह सुनिश्चित करता है कि यदि भारत या यूरोपीय संघ किसी **तीसरे देश** को अधिक अनुकूल व्यापारिक शर्तें देता है, तो वही शर्तें दूसरे पक्ष को भी स्वतः देनी होंगी। यह दर्जा प्रारंभिक **5 वर्षों** के लिए मान्य है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लागू करने से पहले कौन-से चरण पूरे करने होंगे?
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लागू होने से पहले **कानूनी समीक्षा**, **यूरोपीय संघ परिषद की स्वीकृति**, **यूरोपीय संसद की सहमति** और **भारत का अनुसमर्थन** आवश्यक है। इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद ही समझौता औपचारिक रूप से लागू होगा।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को 'सभी समझौतों की जननी' क्यों कहा जाता है?
**विश्व आर्थिक मंच** ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को **'सभी समझौतों की जननी'** कहा क्योंकि इसमें **96.6% से अधिक व्यापारित वस्तुओं** पर शुल्क समाप्त या कम करने और **5 वर्षों के सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र दर्जे** का प्रावधान है। यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े आर्थिक समूहों—भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ—के बीच हुआ है।
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