प्रकाशित: 30 दिसंबर 2025टॉपिक
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 79,000 करोड़ रुपये के सैन्य खरीद प्रस्तावों को मंज़ूरी दी
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए 79,000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। प्रस्तावित खरीद में लॉइटर म्यूनिशन प्रणालियाँ, उन्नत नौसैनिक टग, लड़ाकू विमान सिम्युलेटर और नई पीढ़ी के निगरानी उपकरण शामिल हैं।
परिषद ने मेक इन इंडिया श्रेणी में स्वदेशी रक्षा प्लेटफ़ॉर्मों की खरीद को भी मंज़ूरी दी। कुल खरीद राशि में भारतीय रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक होगी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। ये मंज़ूरियाँ 2029 तक भारत के शुद्ध रक्षा निर्यातक बनने के लक्ष्य के अनुरूप हैं।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
रक्षा मंत्रालय ने 3 मार्च 2026 को ₹5,083 करोड़ के रक्षा अनुबंध किए। इनमें एएलएच मार्क-3 हेलीकॉप्टरों का अनुबंध किस बल के लिए किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर DHAL से ₹2,901 करोड़ में बाय (इंडियन-IDDM) श्रेणी में भारतीय तटरक्षक के लिए छह ALH Mk-III (समुद्री भूमिका) हेलीकॉप्टर अनुबंधित किए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने क्या मंज़ूरी दी और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए 79,000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। इनमें लॉइटर म्यूनिशन प्रणालियाँ, उन्नत नौसैनिक टग, लड़ाकू विमान सिम्युलेटर और नई पीढ़ी के निगरानी उपकरण शामिल हैं। कुल खरीद राशि में भारतीय रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक होगी।
79,000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्तावों की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
प्रस्तावों में लॉइटर म्यूनिशन प्रणालियाँ, उन्नत नौसैनिक टग, लड़ाकू विमान सिम्युलेटर और नई पीढ़ी के निगरानी उपकरण शामिल हैं। मेक इन इंडिया श्रेणी के तहत स्वदेशी रक्षा प्लेटफ़ॉर्मों की खरीद भी इन प्रस्तावों का हिस्सा है।
इन खरीद प्रस्तावों में किन संस्थाओं और पक्षों की भूमिका है?
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए इन प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। कुल खरीद राशि में भारतीय रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक होगी।
इन प्रस्तावों से जुड़ी प्रमुख राशियाँ और लक्ष्य क्या हैं?
प्रस्तावों की कुल राशि 79,000 करोड़ रुपये है और इसमें भारतीय रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक होगी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये तक पहुँचा और भारत का लक्ष्य 2029 तक शुद्ध रक्षा निर्यातक बनना है।
इन खरीद प्रस्तावों का भारत के लिए व्यापक महत्व क्या है?
कुल खरीद राशि में भारतीय रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक होगी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये तक पहुँचा और देश का लक्ष्य 2029 तक शुद्ध रक्षा निर्यातक बनना है।