केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए 79,000 करोड़ रुपये के अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन अधिग्रहणों में लॉइटर म्यूनिशन सिस्टम, उन्नत नौसेना टग, लड़ाकू विमान सिम्युलेटर और अगली पीढ़ी के निगरानी उपकरण शामिल हैं।

DAC ने 'मेक इन इंडिया' श्रेणी के तहत स्वदेशी रक्षा प्लेटफार्मों की खरीद को भी मंजूरी दी, जिससे कुल अधिग्रहण मूल्य का 60% से अधिक हिस्सा भारतीय रक्षा फर्मों से आएगा। भारत का रक्षा उत्पादन FY 2024-25 में 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया और रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भारत 2029 तक शुद्ध रक्षा निर्यातक बनने का लक्ष्य रखता है।